बिहार के भागलपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सुल्तानगंज गोलीकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब आरोपी पुलिस टीम को हथियार बरामद कराने के लिए ले जा रहा था और अचानक हालात बिगड़ गए।
इस मुठभेड़ में जहां मुख्य आरोपी की मौत हो गई, वहीं तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
🔴 कैसे हुआ रामधनी यादव का एनकाउंटर?
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रामधनी यादव गिरफ्तारी के डर से खुद ही थाना पहुंचकर सरेंडर कर चुका था। इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार ग्रामीण इलाके में छिपा रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम उसे हथियार बरामद करने के लिए लेकर गई।
लेकिन जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, स्थिति अचानक बदल गई।
🔫 पुलिस पर फायरिंग, आरोपी ने भी चलाई गोली
पुलिस के मुताबिक:
- आरोपी के सहयोगी अपराधी टीम का पीछा कर रहे थे
- मौके का फायदा उठाकर अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी
- इसी दौरान रामधनी यादव ने भी पिस्टल निकालकर गोली चला दी
इस हमले में डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
🚨 पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ आरोपी
हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान:
- रामधनी यादव को सीने में गोली लगी
- उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया
- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
घटना के बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक दीपक और दूसरा रामधनी यादव का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
🏥 घायलों का इलाज जारी
घायल पुलिसकर्मियों और आरोपियों को भागलपुर के मायागंज स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
👮♂️ एसएसपी ने क्या कहा?
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया:
- आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था
- इसी दौरान उस पर और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला किया
- पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🗓️ क्या था सुल्तानगंज गोलीकांड?
मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।
इस हमले में:
- कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई
- सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस पर आरोपियों को पकड़ने का दबाव बढ़ गया था।
⚠️ क्यों अहम है यह कार्रवाई?
यह एनकाउंटर कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले का त्वरित जवाब
- अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश
- पुलिस की सक्रियता और जवाबी रणनीति