चाईबासा से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक खबर सामने आई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित संपूर्ण शिक्षा कवच अभियान के तहत मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों ने इस वर्ष CBSE 10वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है।
इस वर्ष इन स्कूलों का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 79.4% रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.4% अधिक है। यह वृद्धि न केवल आंकड़ों में सुधार दिखाती है, बल्कि छात्रों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता में भी बड़ा बदलाव दर्शाती है।
तांतनगर स्कूल बना मिसाल, 92% रिजल्ट
इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान CM School of Excellence Tantnagar का रहा है।
- इस वर्ष परिणाम: 92%
- पिछले वर्ष: 25.8%
इतनी बड़ी छलांग ने इस विद्यालय को जिले का आदर्श स्कूल बना दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है।
शिक्षा कवच अभियान क्या है?
संपूर्ण शिक्षा कवच अभियान जिला प्रशासन की एक पहल है, जिसका उद्देश्य:
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
- छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत करना
- आत्मविश्वास और कौशल विकास बढ़ाना
इस अभियान के तहत नियमित मॉनिटरिंग, अतिरिक्त कक्षाएं और व्यक्तिगत मार्गदर्शन जैसे कदम उठाए गए।

प्रशासन ने क्या कहा?
उपायुक्त मनीष कुमार ने इस सफलता पर कहा:
“संपूर्ण शिक्षा कवच के तहत किए जा रहे प्रयास शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। यह पहल छात्रों के समग्र विकास पर केंद्रित है।”
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो ने कहा:
“यह सुधार शिक्षकों की प्रतिबद्धता, छात्रों की मेहनत और निरंतर शैक्षणिक सहयोग का परिणाम है।”
जिले की रैंकिंग में भी सुधार
इस अभियान का असर सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि:
- राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग में सुधार
- छात्रों की सीखने की क्षमता में बढ़ोतरी
- स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल
इन सभी पहलुओं में सकारात्मक बदलाव देखा गया है।
छात्रों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
शिक्षा कवच अभियान के बाद छात्रों में:
- पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी
- परीक्षा का डर कम हुआ
- आत्मविश्वास में वृद्धि हुई
यह बदलाव लंबे समय में बेहतर शिक्षा प्रणाली की नींव रखता है।
निष्कर्ष
चाईबासा में शिक्षा कवच अभियान ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीति और निरंतर प्रयास से सरकारी स्कूलों में भी बेहतरीन परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
👉 यह मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है।