रांची: निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की कानूनी मुश्किलें लगातार गहरा रही हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पिछले छह महीनों के भीतर उनके खिलाफ एक-एक कर पाँच प्राथमिकियां दर्ज कर दी हैं।
20 मई को शराब घोटाला मामला सामने आने के बाद गिरफ्तारी के बाद से वह अब तक जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं। इस समय वह जमीन घोटाला केस में न्यायिक हिरासत में हैं। लगातार दर्ज हो रही नई FIR के बाद उनकी रिहाई की संभावना और कम हो गई है।


1. शराब घोटाला: प्लेसमेंट एजेंसियों को अनुचित लाभ, सरकार को 38 करोड़ का नुकसान

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव रहते हुए विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने
✔ नियमों को ताक पर रखकर प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन किया,
✔ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाया,
✔ जिससे सरकार को लगभग ₹38 करोड़ का नुकसान हुआ।

इस घोटाले में चौबे को पूर्व संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह तथा प्लेसमेंट एजेंसी “मार्शन” के प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह सहित गिरफ्तार किया गया था।

90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर अन्य 10 आरोपी तो जमानत पर छूट गए, लेकिन इसी दौरान चौबे को दूसरी FIR में फिर से गिरफ्तार दिखाया गया, जिससे उनकी गिरफ्तारी जारी रही।


2. हजारीबाग खासमहाल जमीन घोटाला: 2.75 एकड़ जमीन 23 लोगों के नाम पर अवैध रूप से निबंधित

अगस्त 2025 में दर्ज इस केस में आरोप है कि 2008–2010 में हजारीबाग DC रहते हुए चौबे ने
2.75 एकड़ खासमहल जमीन
23 निजी व्यक्तियों के नाम पर
अवैध रूप से रजिस्ट्री करवाई

जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपने करीबी व्यापारी विनय कुमार सिंह, रिश्तेदारों और सहयोगी अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध जमाबंदी और रजिस्ट्री करवाई।

इस केस में चौबे के अलावा तत्कालीन खासमहल अधिकारी और एक कारोबारी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।


3. हजारीबाग वन भूमि घोटाला: संरक्षित भूमि की अवैध रजिस्ट्री

सितंबर 2025 में एसीबी ने यह FIR दर्ज की।
आरोप:
✔ वन भूमि की अवैध रजिस्ट्री,
✔ आपराधिक साज़िश,
✔ करीबियों के साथ मिलकर सरकारी नियमों की अवहेलना।

2010 में

  • खाता संख्या 95 के तीन प्लॉट (28 डिसमिल)

  • और खाता संख्या 73 के एक प्लॉट (72 डिसमिल)
    की जमीन की अवैध रजिस्ट्री करवाई गई थी।

प्राथमिकी के बाद चौबे को इस केस में भी गिरफ्तार किया गया है।


4. आय से अधिक संपत्ति (DA केस): ACB की नई कार्रवाई

24 नवंबर 2025 को ACB ने रांची थाना में एक और FIR दर्ज की है।
आरोप:
✔ विनय चौबे,
✔ उनके पारिवारिक सदस्यों,
✔ और सहयोगियों ने
अपने ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

ACB इस केस में भी जल्द गिरफ्तारी की तैयारी में है।


5. धोखाधड़ी और कंपनी हड़पने का केस: Jagannathpur थाना में FIR

इस केस में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
आरोपियों में शामिल:

  • विनय चौबे

  • व्यापारी विनय सिंह

  • स्निग्धा सिंह

  • अरविंद वर्मा

  • विशाल सिंह

  • राजेश कुमार सिन्हा

  • राजीव कुमार झा

शिकायतकर्ता दीपक कुमार (अरगोडा) का आरोप है कि
✔ चौबे और उनके करीबी विनय सिंह ने
✔ कंपनी पर अवैध कब्जा कर लिया
✔ और उन्हें झूठे केस में फंसाकर जेल भेजवा दिया।


संक्षेप में:

शराब से लेकर जमीन और कंपनी धोखाधड़ी तक, एक के बाद एक केस में ACB की कार्रवाई के चलते विनय चौबे की कानूनी स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है।
नई FIR दर्ज होने से उनकी रिहाई की संभावना लगभग नगण्य हो गई है।