झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्थापना दिवस के मौके पर सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब लिट्टीपाड़ा के पूर्व विधायक और वर्तमान भाजपा नेता दिनेश मरांडी ने जेएमएम नेतृत्व और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला। दिनेश मरांडी ने आरोप लगाया कि झामुमो आज अपना स्थापना दिवस मना रही है, लेकिन पार्टी को खड़ा करने वाले कई वरिष्ठ और संघर्षशील नेताओं को पूरी तरह भुला दिया गया है।
🎯 “जेएमएम को अकेले शिबू सोरेन ने नहीं बनाया” – दिनेश मरांडी
दिनेश मरांडी ने साफ शब्दों में कहा कि झामुमो को केवल शिबू सोरेन ने नहीं बनाया, बल्कि इसके पीछे कई ऐसे नेता और कार्यकर्ता थे, जिन्होंने आंदोलन के दौर में अपनी पूरी जिंदगी झोंक दी। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण मौके पर उन नेताओं की तस्वीरों पर माला तक नहीं चढ़ाई गई, जो बेहद शर्मनाक है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा आरोप
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा—
“आज झामुमो सत्ता में है, लेकिन सत्ता में आते ही पार्टी अपने इतिहास और अपने संस्थापकों को भूल गई है। स्थापना दिवस पर जिन नेताओं ने झामुमो को जमीन से उठाया, उन्हें याद करना मुख्यमंत्री को जरूरी नहीं लगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आज एक व्यक्ति विशेष के नाम पर सिमटती जा रही है, जो झामुमो की मूल विचारधारा के खिलाफ है।
🏛️ आदिवासी आंदोलन की विरासत पर सवाल
दिनेश मरांडी ने कहा कि झामुमो की पहचान आदिवासी आंदोलन, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों की लड़ाई से रही है। लेकिन आज स्थापना दिवस सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व को न तो अपने इतिहास की चिंता है और न ही उन नेताओं की, जिन्होंने बलिदान दिया।
दिनेश मरांडी, पूर्व विधायक सह भाजपा नेता, लिट्टीपाड़ा:
“झामुमो को बनाने वाले नेताओं को आज जानबूझकर भुलाया जा रहा है। स्थापना दिवस पर उनके फोटो तक पर माला नहीं चढ़ाई जाती। यह झामुमो की विचारधारा के साथ धोखा है।”
🔎 राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झामुमो स्थापना दिवस के मौके पर दिनेश मरांडी का यह बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है। इससे पाकुड़ और संताल परगना क्षेत्र में सियासी हलचल और तेज हो सकती है।