झारखंड के चर्चित जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमार को नोटिस जारी किया है। ईडी ने उनसे रांची के बरियातू रोड स्थित बर्लिन अस्पताल की जमीन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
बताया जा रहा है कि बर्लिन अस्पताल की जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर ईडी पिछले तीन वर्षों से जांच कर रही है। इस दौरान जमीन की मापी, मूल्यांकन और दस्तावेजों की गहन जांच की जा चुकी है।
12 कट्ठा जमीन की संदिग्ध खरीद-बिक्री
ईडी की जांच में सामने आया है कि बड़गाई अंचल के खाता संख्या 54, प्लॉट संख्या 2711 की करीब 12 कट्ठा जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की गई। आरोप है कि यह जमीन बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर बेची गई।
जानकारी के अनुसार, पहले यह जमीन डॉ. नलिनी रंजन सिन्हा और ऊषा सिन्हा ने खरीदी थी। बाद में यह जमीन प्रीति कुमार और टी.एम. ठाकुर को हस्तांतरित कर दी गई।
जमीन की प्रकृति बदलकर अस्पताल निर्माण का आरोप
ईडी का आरोप है कि जमीन की प्रकृति में अवैध रूप से बदलाव कर खरीद-बिक्री की गई। इसके बाद उसी जमीन पर बर्लिन अस्पताल का निर्माण कराया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस पूरे लेन-देन में नियमों की अनदेखी की गई और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलू हो सकते हैं।
दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई
ईडी ने नोटिस के जरिए जमीन की खरीद-बिक्री, भुगतान, रजिस्ट्री और अन्य संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। एजेंसी इन कागजातों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच के बाद पूछताछ या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल
मुख्य सचिव की पत्नी को नोटिस मिलने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह मामला झारखंड के बहुचर्चित जमीन घोटालों में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।