रांची जिले के खेलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित करियप्पा एन्क्लेव में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां भारतीय सेना की महिला मेजर के सरकारी आवास पर अज्ञात अपराधियों ने हमला कर दिया। इस हमले में न सिर्फ महिला मेजर गंभीर रूप से घायल हुईं, बल्कि उनका चार माह का मासूम बच्चा भी चोटिल हो गया।
घटना के बाद पूरे आर्मी एरिया और शहर में सनसनी फैल गई है। पीड़ित पक्ष की ओर से खेलगांव ओपी में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
❓ क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक यह घटना 23 जनवरी की शाम करीब 7 बजे की है। पीड़ित सैन्य अधिकारी मेजर अविलेष भारती ने थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी मेजर रीना यादव अपने चार माह के बच्चे के साथ शाम की सैर से घर लौटी थीं।
घर में प्रवेश करने के कुछ ही देर बाद बाहर से किसी ने “मैम” कहकर आवाज लगाई। संदेह होने पर जैसे ही मेजर रीना यादव ने दरवाजा खोला, तभी दो अज्ञात व्यक्तियों ने अचानक हमला कर दिया।
🕯️ लाइट बंद कर की गई बेरहमी से मारपीट
हमले के दौरान एक हमलावर ने महिला अधिकारी को पीछे से पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने मासूम बच्चे को जबरन छीनकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद हमलावरों ने महिला अधिकारी को घसीटकर बैठक कक्ष में ले जाकर लाइट बंद कर दी और जमकर मारपीट की।
इस हमले में महिला मेजर के होंठ कट गए, जबकि बच्चे के सिर में गंभीर सूजन आ गई। किसी तरह साहस दिखाते हुए महिला अधिकारी घर से बाहर निकलने में सफल रहीं, जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
🚨 बच्चे के इलाज के कारण दर्ज हुई देर से FIR
पीड़ित पक्ष ने बताया कि 24 जनवरी को शिशु के उपचार के कारण तुरंत प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई जा सकी। इसके बाद 25 जनवरी को खेलगांव ओपी में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराई गई।
फिलहाल महिला अधिकारी और बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण सैन्य पॉलिक्लिनिक में कराया जा रहा है। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
👮 पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा पर उठे सवाल
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आर्मी एरिया जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
📌 Samachar Plus सवाल पूछता है
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सुरक्षा व्यवस्था में कहां हुई चूक?
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क्या महिला सैन्य अधिकारियों की सुरक्षा पर्याप्त है?
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