झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा शनिवार को चाईबासा दौरे पर रहेंगी। यह दौरा सारंडा जंगल में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल ऑपरेशन के बाद उनका पहला दौरा होगा, जिसमें 13 इनामी समेत कुल 17 नक्सली मारे गए हैं।
डीजीपी तदाशा मिश्रा इस दौरान ऑपरेशन मेघाबुरू की विस्तृत समीक्षा करेंगी और मीडिया को अभियान की प्रगति, उपलब्धियों और आगे की रणनीति की जानकारी देंगी।
🔴 ऑपरेशन मेघाबुरू: 37 घंटे चली भीषण मुठभेड़
चाईबासा जिले के छोरानागरा और करीबुरू थाना क्षेत्र के कुमडी और बहादा जंगल में सुरक्षा बलों द्वारा ऑपरेशन मेघाबुरू चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
इस मुठभेड़ में लगातार 37 घंटे तक फायरिंग होती रही, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। जंगल के दुर्गम और पहाड़ी इलाके में चले इस अभियान को झारखंड पुलिस के अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में गिना जा रहा है।
💰 4.49 करोड़ के इनामी 17 नक्सली ढेर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मारे गए 17 नक्सलियों पर कुल 4 करोड़ 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से 13 नक्सली इनामी थे, जो लंबे समय से झारखंड और ओडिशा सीमा पर सक्रिय थे।
मुठभेड़ के बाद मौके से पहले 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए, जिसके बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शुक्रवार सुबह तक चले तलाशी अभियान के दौरान दो और नक्सलियों के शव बरामद हुए।
🧠 बड़े नक्सली नेताओं की मौजूदगी की आशंका
सुरक्षा बलों का दावा है कि मुठभेड़ स्थल पर नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता मौजूद था। शुरुआती इनपुट के मुताबिक, इस दस्ते में
जैसे बड़े नक्सली नेताओं की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। अनुमान है कि इस दस्ते में 20 से अधिक हार्डकोर नक्सली शामिल थे।
🌲 सारंडा में अब भी छिपे हो सकते हैं नक्सली
लगातार फायरिंग और मुठभेड़ के बावजूद, सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ हार्डकोर नक्सली अब भी सारंडा के घने जंगलों में छिपे हो सकते हैं।
इसी कारण से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सर्च ऑपरेशन को फिलहाल समाप्त नहीं किया गया है।
ड्रोन, स्निफर डॉग्स और अतिरिक्त फोर्स की मदद से जंगल के अंदरूनी इलाकों की तलाशी ली जा रही है।
👮 DGP तदाशा मिश्रा का दौरा क्यों अहम?
डीजीपी तदाशा मिश्रा का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है—
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ऑपरेशन मेघाबुरू की ग्राउंड-लेवल समीक्षा
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नक्सल विरोधी रणनीति को और मजबूत करना
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जवानों का मनोबल बढ़ाना
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मीडिया को आधिकारिक ब्रीफिंग
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के बाद सारंडा को नक्सल मुक्त बनाने के लिए नई रणनीति की घोषणा भी हो सकती है।
🚨 झारखंड में नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी कामयाबी
पिछले कुछ वर्षों में झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार दबाव बनाया है।
चाईबासा और सारंडा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है और आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई संभव है।