गुजरात के राजकोट जिले से एक बेहद गंभीर और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। यहां कक्षा 9 में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा के साथ उसी की स्कूल वैन में दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल वैन चालक रमेश खरा (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बढ़ गया है।
मोबाइल नंबर लेकर बनाया संपर्क, फिर सुनसान इलाके में वारदात
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी रमेश खरा ने छात्रा का मोबाइल नंबर हासिल कर उससे व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे भरोसा कायम करने के बाद उसने दो दिन पहले अमीन मार्ग के पास एक सुनसान स्थान पर वैन रोककर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।
बताया जा रहा है कि पीड़िता पिछले करीब एक साल से उसी स्कूल वैन से सफर कर रही थी, जिससे आरोपी को उस तक आसानी से पहुंच मिली।
दुष्कर्म और POCSO एक्ट में दर्ज हुआ मामला
पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मालवियानगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ:
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दुष्कर्म
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नाबालिग से छेड़छाड़
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POCSO एक्ट
की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।
स्कूल वैन और बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वैन और बसों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्कूलों में वाहन चालकों की ठीक से जांच-पड़ताल नहीं होती, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
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हर स्कूल वाहन में महिला अटेंडेंट की तैनाती जरूरी हो
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ड्राइवरों का नियमित पुलिस सत्यापन किया जाए
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स्कूल ट्रांसपोर्ट में CCTV और GPS अनिवार्य हों
राजकोट में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राजकोट के विंचिया क्षेत्र से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। वहां एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ स्कूल बस ड्राइवर ने दो बार दुष्कर्म किया था। बच्ची के स्कूल जाने से मना करने पर परिजनों को शक हुआ और पूछताछ में पूरा मामला उजागर हुआ। पुलिस ने उस आरोपी को भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया था।
लगातार घटनाओं से अभिभावकों में बढ़ी चिंता
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने माता-पिता की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्कूल जाने वाले बच्चे वाकई सुरक्षित हैं?
समाज के जानकारों का कहना है कि अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि ठोस और सख्त सुरक्षा नियमों की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Samachar Plus की अपील
Samachar Plus प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से अपील करता है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि किसी और मासूम को इस तरह की दरिंदगी का शिकार न होना पड़े।