पलामू (झारखंड): झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के उपनिदेशक के निर्देश पर की गई संयुक्त कार्रवाई में 61 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से करोड़ों रुपये मूल्य के वन्यजीव, खाल, सांप का जहर और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं।
इस गिरोह का नेटवर्क नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला हुआ था।
🛑 18 नवंबर से 20 जनवरी तक चला सघन अभियान
वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने
➡️ झारखंड
➡️ बिहार
➡️ छत्तीसगढ़
के कई इलाकों में 18 नवंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक लगातार छापेमारी की।
20 जनवरी को भी छत्तीसगढ़ के कई ठिकानों पर दबिश देकर तस्करों को पकड़ा गया।
👤 कौन है नेटवर्क का सरगना? जांच तेज
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने बताया कि कार्रवाई के दौरान
➡️ बिहार के औरंगाबाद निवासी सिराज को सांप के जहर की तस्करी में गिरफ्तार किया गया।
➡️ उसके पास से सांप का जहर बरामद हुआ है।
इसके अलावा गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपी:
फिलहाल गिरोह के सरगना की पहचान को लेकर जांच जारी है।
⚠️ राजनीतिक संरक्षण की आशंका
जांच में सामने आया है कि जयराम सिंह और अजय कुमार झा बिहार में प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती माने जाते हैं।
➡️ इससे संकेत मिलते हैं कि इस नेटवर्क को किसी बड़े राजनीतिक संरक्षण का लाभ मिल रहा था।
अजय कुमार झा के पास से
➡️ दो मुहा सांप (Red Sand Boa) बरामद किए गए,
➡️ जिन्हें वह पालतू जानवर की तरह रखे हुए था।
📍 कहां-कहां से हुई गिरफ्तारी
वन विभाग की टीम ने झारखंड के विभिन्न इलाकों से आरोपियों को पकड़ा:
➡️ राजू उरांव पूर्व नक्सली रह चुका है और अब इस नेटवर्क की बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
🧳 करोड़ों की वन्यजीव सामग्री बरामद
तस्करों के पास से बरामद सामग्री चौंकाने वाली है:
🌏 नेपाल-बांग्लादेश के रास्ते चीन तक तस्करी
जांच में खुलासा हुआ है कि
➡️ झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के जंगलों से शिकार
➡️ नेपाल-बांग्लादेश के जरिए
➡️ चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया में ऊंचे दामों पर बिक्री
वन विभाग के अनुसार चीन वन्यजीव तस्करी का सबसे बड़ा बाजार है।
🚨 स्थानीय लोगों को लालच देकर कराया जाता था शिकार
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अनुसार:
🛡️ कई राज्यों की संयुक्त कार्रवाई
इस ऑपरेशन में शामिल रहे अधिकारी:
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झारखंड: पलामू, लातेहार, गढ़वा, रांची, गुमला, जमशेदपुर
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छत्तीसगढ़: कुसमी, बलरामपुर, डीडीयूएस टाइगर रिजर्व
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बिहार: दरभंगा और बांका के डीएफओ
🔍 आगे और बड़े खुलासों की संभावना
वन विभाग का कहना है कि
➡️ इस गिरोह में कई सफेदपोश नेताओं की भूमिका की जांच हो रही है
➡️ सबूत जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है
यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।