रांची। राजधानी रांची में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने गुरुवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। डोरंडा बाजार इलाके में वर्षों से सड़क किनारे जमे सैकड़ों अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। सुबह से शाम तक चले इस अभियान में करीब 500 से अधिक अवैध दुकानों और ढांचों को ध्वस्त किया गया।
भारी पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम की मौजूदगी में कार्रवाई की गई, जिससे किसी भी तरह का बड़ा विरोध या अव्यवस्था नहीं होने दी गई।
75 फीट की सड़क, कब्जे में सिमटकर रह गई थी 25 फीट
अभियान के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि डोरंडा बाजार की जिस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, उसकी वास्तविक चौड़ाई 75 फीट है। लेकिन अवैध कब्जों के कारण सड़क महज 25 फीट में सिमट गई थी।
इसी वजह से बाजार के दिनों और त्योहारों पर यहां भारी जाम लगता था और पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था।
हंगामा हुआ, लेकिन प्रशासन रहा सख्त
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने हंगामा भी किया। आरोप लगाए गए कि बड़े दुकानों को छोड़ा जा रहा है और छोटे दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है।
मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद अमीन ने जांच की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि जिस दुकान को लेकर विवाद हो रहा था, वह अतिक्रमण के दायरे में नहीं थी। हालांकि नाली और सड़क पर किए गए सभी अवैध कब्जों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया।
पहले चेतावनी, फिर सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने कार्रवाई से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया था। डोरंडा बाजार में माइकिंग कर चेतावनी दी गई, नोटिस जारी किए गए और कहा गया कि तय समय तक स्वयं अतिक्रमण हटा लें।
इसके बावजूद चेतावनी को नजरअंदाज किया गया, जिसके बाद निगम को बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ी।
कार्रवाई के बीच चलती रही दुकानदारी
दिलचस्प बात यह रही कि बुलडोजर चलने के बावजूद कई दुकानदार आखिरी समय तक दुकानदारी करते रहे। लेकिन जैसे-जैसे प्रशासन की सख्ती बढ़ी, लोग खुद ही सामान समेटकर हटने लगे।
ट्रैफिक प्रभावित, लेकिन व्यवस्था बहाल
अभियान के दौरान डोरंडा चौक से सटे कई रास्तों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, जिससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी। बाद में पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सामान्य कर दिया।
नगर निगम आक्रामक मोड में
नगर निगम अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह अभियान सिर्फ शुरुआत है। शहर के कई इलाकों—हाईकोर्ट क्षेत्र, डोरंडा चौक और अन्य प्रमुख बाजारों में पहले ही अतिक्रमण हटाया जा चुका है और आगे भी यह मुहिम जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने किया समर्थन
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण न केवल जाम लगता था, बल्कि असामाजिक गतिविधियां भी बढ़ रही थीं।
अब सड़क चौड़ी होने से यातायात सुचारु होगा और इलाके में व्यवस्था बेहतर होगी।
नगर निगम ने दो टूक कहा है कि अतिक्रमण के खिलाफ किसी भी दबाव के आगे झुकने का सवाल ही नहीं है।