झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल से नक्सल विरोधी अभियान को लेकर एक बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी नेता अनल को मार गिराया है। इस ऑपरेशन को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
🚨 छोटानगरा थाना क्षेत्र में मुठभेड़
यह मुठभेड़ छोटानगरा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जहां खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई।
इस ऑपरेशन में कोबरा-209 बटालियन की सीधी भिड़ंत माओवादियों से हुई, जिसमें
➡️ 12 माओवादी मारे गए
➡️ CCM स्तर का टॉप नक्सली अनल ढेर
🧠 कौन था माओवादी अनल?
मारा गया नक्सली नेता कई नामों से जाना जाता था—
-
अनल
-
तुफान
-
पतिराम मांझी
-
पतिराम मराण्डी
-
रमेश
पिता: टोटो मराण्डी उर्फ तारू मांझी
निवासी: ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह
अनल भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था और लंबे समय से सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
💣 हत्या, ब्लास्ट और लूट के दर्जनों मामले
अनल पर—
-
हत्या
-
आईईडी ब्लास्ट
-
हथियार लूट
-
सुरक्षाबलों पर हमले
जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
🔍 मुठभेड़ के बाद हाई अलर्ट
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में—
किया गया है, ताकि किसी भी अन्य माओवादी की मौजूदगी या पलायन को रोका जा सके।
🏆 सुरक्षाबलों की बड़ी रणनीतिक जीत
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अनल का मारा जाना माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। इससे सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
❓ सवाल पाठकों से
👉 क्या यह ऑपरेशन झारखंड में नक्सलवाद की कमर तोड़ने में निर्णायक साबित होगा?
👉 क्या अब सारंडा जंगल नक्सल मुक्त हो पाएगा?
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं 👇