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गुमला में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, दो दिन पहले ही संभाला था पद

गुमला के चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को एसीबी ने घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दो दिन पहले ही थाना प्रभारी बने थे। जानिए पूरा मामला।

झारखंड के गुमला जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि शैलेश कुमार ने महज दो दिन पहले ही चैनपुर थाना प्रभारी के रूप में योगदान दिया था, और उससे पहले ही वह एसीबी के रडार पर आ गए।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


🚨 ACB की ट्रैप कार्रवाई, रंगेहाथ पकड़े गए थाना प्रभारी

जानकारी के अनुसार, चैनपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में थाना प्रभारी शैलेश कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने पूरे मामले की जांच की और योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।

जैसे ही थाना प्रभारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, ACB की टीम ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद की गई है।


⏱️ दो दिन पहले ही संभाला था थाना प्रभारी का पद

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शैलेश कुमार ने सिर्फ दो दिन पहले ही चैनपुर थाना प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाला था। इतनी कम अवधि में ही उनके खिलाफ रिश्वत की शिकायत और फिर गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस विभाग के भीतर इस घटना को लेकर गंभीर समीक्षा की बात कही जा रही है।


⚖️ आगे की कार्रवाई में जुटी ACB

ACB की टीम थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक:

  • आरोपी अधिकारी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा सकती है

  • यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं वह पहले भी ऐसे मामलों में शामिल तो नहीं रहा

  • कॉल डिटेल्स और लेनदेन की भी पड़ताल होगी


🚔 पुलिस विभाग की साख पर सवाल

एक ओर जहां पुलिस आम लोगों को कानून का पाठ पढ़ाती है, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी का रिश्वत लेते पकड़ा जाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।

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