प्रयागराज। संगम नगरी में बुधवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक टू-सीटर माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट अचानक अनियंत्रित होकर केपी कॉलेज के पीछे स्थित एक तालाब में जा गिरा। तकनीकी खराबी के कारण हुए इस हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी, हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान संगम की दिशा से आ रहा था और हवा में ही असामान्य रूप से लड़खड़ाने लगा। कुछ ही क्षणों बाद विमान से दो पैराशूट खुलते दिखाई दिए और दोनों पायलट विमान के तालाब में गिरने से पहले ही हवा में सुरक्षित उतरने लगे। इसके बाद विमान तेज धमाके के साथ तालाब के बीचों-बीच जा गिरा।
तालाब में पानी होने के कारण विमान में आग नहीं लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के समय तालाब के किनारे और रेलवे पटरी के पास मौजूद लोगों ने देखा कि दोनों पायलट पानी में सुरक्षित उतर चुके हैं और मदद के लिए हाथ हिला रहे हैं। यह देखते ही आसपास मौजूद लोग बिना देर किए तालाब में कूद पड़े।
साहसी युवाओं ने तैरकर पायलटों तक पहुंच बनाई और उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और सेना का हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल पर पहुंच गया। डीसीपी सिटी ने बताया कि दोनों पायलटों को एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
फिलहाल सेना की टीम तालाब में गिरे एयरक्राफ्ट को बाहर निकालने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटनाग्रस्त माइक्रोलाइट विमान सेना का था या किसी निजी कंपनी का। इस संबंध में सेना की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।