रांची पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और सख्त पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए 61 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को कोडरमा से सकुशल बरामद कर लिया है। यह सफलता न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि राज्य में सक्रिय अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह पर भी बड़ा प्रहार साबित हुई है।

रांची पुलिस की इस कार्रवाई की निगरानी एसएसपी राकेश रंजन स्वयं कर रहे थे। बच्चे की बरामदगी के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने सात राज्यों में लगातार छापेमारी कर नेटवर्क को खंगाला।


⏳ 61 दिनों से लापता था कन्हैया कुमार

ओरमांझी थाना क्षेत्र के निवासी कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता था। कन्हैया की मां के अनुसार, वह रोज़ की तरह एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय, ओरमांझी के पास बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था।

खेल के बाद वह ममता मार्केट पहुंचा, जहां उसकी मां फुचका बेचती हैं। वहां उसने खुद चाट बनाई और मां को खिलाई। इसके बाद उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कही, लेकिन वह फिर कभी वापस नहीं आया।

परिवार और स्थानीय लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कन्हैया का कोई सुराग नहीं मिला। मामला गंभीर होने पर पुलिस ने जांच तेज की।


👮‍♂️ SSP राकेश रंजन की सीधी मॉनिटरिंग

बच्चे की तलाश को लेकर रांची पुलिस ने इसे हाई-प्रोफाइल केस मानते हुए एसआईटी का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और संभावित नेटवर्क के आधार पर सात राज्यों में छापेमारी की।

इसी दौरान एसएसपी राकेश रंजन को पुख्ता सूचना मिली कि कन्हैया को कोडरमा में छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही रांची पुलिस की टीम ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।


👨‍👩‍👧‍👦 कन्हैया ही था परिवार का सहारा

कन्हैया का परिवार बेहद आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहा है।

  • बड़ा भाई कृष्णा कुमार (19 वर्ष) – एक किडनी खराब

  • बहन – शिवानी कुमारी

  • पिता – अर्जुन साव, शारीरिक रूप से असक्षम

  • कन्हैया – कक्षा 3 का छात्र, शाम को मां की दुकान में करता था मदद

ऐसे में कन्हैया की वापसी परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।


🚨 अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश

इस पूरे मामले की जांच के दौरान रांची पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह बच्चों को अगवा कर:

  • भीख मंगवाने

  • मानव तस्करी

  • देह व्यापार जैसे घिनौने अपराधों

में धकेलता था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


👥 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

गिरफ्तार अभियुक्तों में शामिल हैं:

  • विरोधी खेरवार

  • एंथोनी खेरवार

  • प्रमोद कुमार

  • आशिक गोप

  • राज रवानी

  • नव खेरवार

  • सोनी कुमारी

  • चांदनी देवी

  • सीता देवी

  • दिनू भुइयां

  • संन्यासी खेरवार

  • मालिन देवी

  • बेबी देवी

  • सोनिया देवी

  • उपैया खेरवार

पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


✅ मानवता और पुलिसिंग की जीत

कन्हैया की सकुशल बरामदगी ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड पुलिस बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यह मामला न सिर्फ पुलिस की कार्यकुशलता, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी मजबूत करता है।