• India
पेसा नियमावली, झारखंड हाईकोर्ट फैसला, बालू घाट अलॉटमेंट, बालू घाट नीलामी, झारखंड बालू नीति, ग्राम सभा अधिकार, आदिवासी अधिकार झारखंड, पेसा कानून 1996, पंचायती राज विभाग, Ranchi High Court News, Jharkhand PESA Update, Sand Ghat Allotment, Contempt Petition Jharkhand, Tribal Rights India, Jharkhand Mining News, PESA Act Jharkhand, Jharkhand Government News, Baloo Ghat Latest Update, samachar plus, samacharplus news, samachar plus update, sumeet roy, sumeet roy samacharplus  | झारखंड
झारखंड

Ranchi News: पेसा नियमावली लागू, हाईकोर्ट ने हटाई बालू घाट अलॉटमेंट पर रोक

झारखंड हाईकोर्ट ने पेसा नियमावली लागू होने के बाद बालू घाटों के अलॉटमेंट पर लगी रोक हटाई, अवमानना याचिका निष्पादित।

रांची: झारखंड में पेसा नियमावली (PESA Rules) को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद पर अब बड़ा फैसला सामने आया है। झारखंड हाईकोर्ट ने पेसा नियमावली लागू नहीं करने से जुड़ी अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए बालू घाटों की नीलामी के बाद अलॉटमेंट पर लगी रोक को समाप्त कर दिया है।
इस आदेश के बाद राज्य में बालू घाटों के संचालन और अलॉटमेंट का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।


🟡 क्या है पूरा मामला? (PESA Contempt Case Explained)

झारखंड में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act) के तहत नियमावली लागू नहीं होने को लेकर आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि—

  • राज्य सरकार पेसा कानून को लागू करने में जानबूझकर देरी कर रही है

  • इससे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं

  • बालू घाटों की नीलामी और अलॉटमेंट पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है


🟡 हाईकोर्ट में क्या हुआ सुनवाई के दौरान?

मंगलवार को इस अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

👨‍⚖️ कोर्ट में पक्ष किसने रखा?

  • राज्य सरकार की ओर से:

    • महाधिवक्ता (Advocate General) ने अदालत को बताया कि
      👉 झारखंड में पेसा नियमावली अब लागू कर दी गई है

  • याचिकाकर्ता की ओर से:

    • वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा

    • उन्होंने पेसा नियमों के पालन और ग्राम सभा के अधिकारों पर जोर दिया


🟡 पेसा नियमावली लागू होने पर कोर्ट का आदेश

राज्य सरकार की ओर से पेसा नियमावली लागू होने की जानकारी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने—

✔️ अवमानना याचिका को निष्पादित (Dispose) कर दिया
✔️ बालू घाटों की नीलामी के बाद अलॉटमेंट पर लगी रोक को समाप्त कर दिया

👉 यानी अब बालू घाटों की नीलामी के बाद उनका अलॉटमेंट कानूनी रूप से किया जा सकेगा।


🟢 बालू घाट अलॉटमेंट पर क्या पड़ेगा असर?

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद—

  • ✔️ बालू घाटों के संचालन में कानूनी अड़चन खत्म

  • ✔️ राज्य सरकार को राजस्व बढ़ाने में मदद

  • ✔️ निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति होगी सुचारु

  • ✔️ ठेकेदारों और कारोबारियों को राहत

लेकिन साथ ही यह भी जरूरी होगा कि—

⚠️ ग्राम सभा की सहमति और पेसा नियमों का पालन सख्ती से हो


🟢 पेसा कानून क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

PESA Act का उद्देश्य है—

  • अनूसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को सर्वोच्च अधिकार

  • जल, जंगल, जमीन पर स्थानीय समुदाय का नियंत्रण

  • खनन, बालू घाट, शराब दुकान जैसे मामलों में ग्राम सभा की सहमति

👉 इसलिए पेसा नियमावली लागू होना आदिवासी अधिकारों की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है।


झारखंड हाईकोर्ट का यह फैसला पेसा कानून, बालू घाट नीलामी और आदिवासी अधिकारों—तीनों के लिहाज से बेहद अहम है।
जहां एक ओर इससे प्रशासनिक और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद भी जगी है कि ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा।

You can share this post!

Comments

Leave Comments