झारखंड भाजपा संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की तस्वीर अब लगभग साफ होती नजर आ रही है। पार्टी के आंतरिक चुनाव कार्यक्रम बीजेपी झारखंड इलेक्शन के तहत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के 21 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया 13 जनवरी को रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में पूरी की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक प्रक्रिया की निगरानी नवनियुक्त राज्य निर्वाचन अधिकारी एवं केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल उरांव करेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें इस चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है। सोमवार को जुएल उरांव रांची पहुंचकर औपचारिक रूप से चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे।
🗳️ नामांकन से लेकर जांच तक पूरी प्रक्रिया
चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन दाखिल करने, नामांकन पत्रों की जांच और अन्य औपचारिकताएं एक ही दिन पूरी की जाएंगी। भाजपा संगठन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और पार्टी संविधान के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह चुनाव संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को धार देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
⚖️ चुनाव या निर्विरोध घोषणा – नामांकन तय करेगा फैसला
भाजपा सूत्रों के अनुसार,
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यदि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक नामांकन दाखिल होते हैं, तो औपचारिक मतदान कराया जाएगा।
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लेकिन अगर सिर्फ एक नामांकन आता है, तो उम्मीदवार को निर्विरोध प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
वहीं, राष्ट्रीय परिषद के 21 पदों के लिए राज्य परिषद के कुल 108 सदस्य नामांकन दाखिल करने के पात्र होंगे। इस बार संगठन के भीतर आपसी सहमति से निर्विरोध चुनाव कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश जाए।
🔥 आदित्य साहू का अध्यक्ष बनना लगभग तय
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आदित्य साहू का नाम सबसे आगे चल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इस पद के लिए एकमात्र नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
अगर ऐसा होता है, तो आदित्य साहू का निर्विरोध प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके नाम पर सहमति जता दी है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है।
📌 संगठन में बदलाव का सियासी महत्व
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह संगठनात्मक बदलाव आगामी चुनावी रणनीति और पार्टी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। झारखंड में भाजपा नेतृत्व में बदलाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब 13 जनवरी को विराम लग सकता है।