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हाथी बना मौत का साया: मझगांव में दो की मौत, एक हफ्ते में 19 लोग मारे गए

चाईबासा के मझगांव में हाथी के हमले से दो लोगों की मौत हो गई। एक सप्ताह में हाथी हमले से 19 मौतों के बाद इलाके में दहशत और वन विभाग अलर्ट।

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मझगांव प्रखंड के झारखंड–ओडिशा सीमा स्थित बेनीसागर गांव से सामने आया है, जहां एक उग्र हाथी के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

 

मृतकों की पहचान 40 वर्षीय प्रकाश मालवा, निवासी बेनीसागर, और एक नाबालिग बच्चे के रूप में हुई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

 

📍 शव के पास खड़ा रहा हाथी, ग्रामीणों में दहशत

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने पहले प्रकाश मालवा को पटक-पटक कर मार डाला, इसके बाद नाबालिग बच्चे पर हमला किया। सबसे भयावह स्थिति तब बनी जब हाथी बच्चे के शव के पास ही काफी देर तक खड़ा रहा, जिससे ग्रामीणों की सांसें थम गईं।

ग्रामीणों ने किसी तरह दूर से ही प्रशासन को सूचना दी।

 

🚓 वन विभाग और पुलिस मौके पर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और मझगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है। हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने और स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है।

 

⚠️ एक सप्ताह में 19 लोगों की मौत, प्रशासन पर सवाल

गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में हाथी के हमलों से अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही मौतों के बावजूद हाथी को अब तक काबू में नहीं किया जा सका है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

 

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:

 

उग्र हाथी को तुरंत ट्रेंकुलाइज किया जाए

 

प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए

 

रात में गश्त और अलर्ट सिस्टम मजबूत किया जाए

 

❗ ग्रामीणों की अपील: जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो

 

ग्रामीणों का कहना है कि खेत जाना, जंगल की ओर जाना या रात में घर से निकलना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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