देश के कई राज्यों में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision – SIR) पूरी होने के बाद अब इसकी बारी झारखंड की आ गई है। चुनाव आयोग ने झारखंड में SIR को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी 2026 से राज्य में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
📅 8 जनवरी को रांची पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम
SIR को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम 8 जनवरी को रांची पहुंचने वाली है। आयोग की यह टीम राज्य में तैयारियों की समीक्षा करेगी। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि किस तिथि से झारखंड में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू किया जाए।
यह जानकारी भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हालिया दो दिवसीय झारखंड दौरे के बाद सामने आई है। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धीकरण और लोकतांत्रिक पारदर्शिता पर जोर दिया था।
🔍 दूसरे राज्यों की तरह झारखंड में भी होगा सघन सत्यापन
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में SIR प्रक्रिया के दौरान दूसरे राज्यों से आए अधिकारी बीएलओ (Booth Level Officer) ऐप के माध्यम से फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे।
इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाया जा सके।
📜 2003 की मतदाता सूची बनेगी आधार
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर यह विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा।
इसमें यह देखा जाएगा कि—
2003 में मतदाता किस राज्य में पंजीकृत था
उसके बाद वह किस राज्य में स्थानांतरित हुआ
क्या उसका नाम एक से अधिक राज्यों की सूची में दर्ज है
इसी प्रक्रिया के आधार पर मतदाता का नाम सूची में रखा जाएगा या हटाया जाएगा। दूसरे राज्यों में भी करोड़ों नाम इसी पद्धति से हटाए गए हैं।
📝 नाम जुड़वाने के लिए भरना होगा फॉर्म-6
निर्वाचन आयोग के अनुसार,
जिन लोगों का नाम वर्तमान मतदाता सूची में नहीं है और वे अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, उन्हें—
फॉर्म-6 भरना होगा
संबंधित बीएलओ के पास फॉर्म जमा करना होगा
इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
⚠️ राजनीति और प्रशासन की नजरें SIR पर
झारखंड में SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है। माना जा रहा है कि यह पुनरीक्षण आगामी चुनावों को देखते हुए काफी अहम साबित हो सकता है।