इचा पैलेस आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक श्रीमती जिज़ेल बुसों (Giselle Busson) ने अपने भारत प्रवास के दौरान इचा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 250 वर्ष प्राचीन श्री रघुनाथ मंदिर, इचा के दर्शन कर यहां की समृद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से देखा।
🙏 रघुनाथ मंदिर के दर्शन, आध्यात्मिक अनुभव
श्रीमती बुसों ने रघुनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और मंदिर की प्राचीन वास्तुकला व ऐतिहासिक महत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करती है।
🎎 इचा राजपरिवार ने किया पारंपरिक स्वागत
विदेशी अतिथि के आगमन पर इचा राजपरिवार द्वारा उनका पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। राजपरिवार ने उन्हें इचा की गौरवशाली परंपराओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया।
इस अवसर पर श्रीमती बुसों को इचा का प्रसिद्ध लोकनृत्य “इचा चाव” भी दिखाया गया, जिसे देखकर वे अत्यंत प्रभावित नजर आईं।
💬 विदेशी अतिथि ने क्या कहा?
श्रीमती जिज़ेल बुसों ने कहा—
“इचा का इतिहास, यहां के मंदिरों की प्राचीनता और लोकसंस्कृति सचमुच अद्वितीय है। इचा राजपरिवार का आतिथ्य भाव मेरे जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।”
उन्होंने इचा की सांस्कृतिक धरोहर की खुले दिल से प्रशंसा की।
🌍 अंतरराष्ट्रीय पहचान की उम्मीद
विदेशी अतिथि की इस यात्रा से इचा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक प्रेमियों में इस दौरे को लेकर उत्साह देखा गया।