राँची। झारखंड की राजधानी राँची से ऐसी खबर आई है जो समाज में मानवता और संवेदनशीलता की नई मिसाल पेश करती है। DPS राँची के केमिस्ट्री शिक्षक डॉ. अमरदीप सिन्हा ने समाज सेवा की एक अद्भुत पहल करते हुए शहर में निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा का उद्देश्य उन जरूरतमंद मरीजों की सहायता करना है, जो आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी या अचानक आपात स्थिति के कारण अस्पताल तक पहुँचने में सक्षम नहीं हो पाते।
आपातकाल में मिला सहारा, समय पर बच रही जानें
इस सेवा के तहत मरीजों को आपातकालीन स्थिति में बिना किसी शुल्क अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ समय पर एम्बुलेंस सहायता न मिलने के कारण मरीज गंभीर स्थिति में पहुँच जाते हैं। ऐसे में डॉ. सिन्हा की यह पहल लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
रोजाना कई फोन कॉल्स उन्हें मिलते हैं और उनकी टीम मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने का काम करती है। खास बात यह है कि इस सेवा के लिए किसी से एक भी रुपया नहीं लिया जाता।
किसी को पैसों के कारण न खोना पड़े अपनी जान
डॉ. अमरदीप सिन्हा का स्पष्ट कहना है कि उनका उद्देश्य यही है कि “पैसों की कमी किसी की जान न ले सके।” कई बार गरीब परिवारों के पास एम्बुलेंस का किराया देने तक के पैसे नहीं होते। ऐसे हालात में ये सेवा उनके लिए उम्मीद की किरण साबित हो रही है।
शिक्षण क्षेत्र में शानदार योगदान देने के साथ-साथ समाज के प्रति यह जिम्मेदारी निभाना युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
लोगों में बढ़ रहा सम्मान और भरोसा
राँची शहर के लोग उनकी इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर आम जन तक हर कोई इस सेवा को मानवता का सच्चा उदाहरण बता रहा है। कई लोग अब उनकी इस मुहिम से जुड़ना भी चाहते हैं ताकि और अधिक लोगों की मदद की जा सके।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
आज के समय में जहाँ लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, वहीं एक शिक्षक का इस प्रकार समाज के लिए खड़ा होना युवाओं को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि यह साबित करता है कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्य भी सिखाते हैं।