रांची: झारखंड में पुलिस व्यवस्था से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने 1994 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा को झारखंड का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 30 दिसंबर की शाम आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके साथ ही वे अब नियमित रूप से महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (हेड ऑफ पुलिस फोर्सेज) के पद का कार्यभार संभालेंगी।
अब तक वे प्रभारी डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी निभा रही थीं, लेकिन अब उन्हें पूर्णकालिक रूप से यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय के साथ ही झारखंड पुलिस के शीर्ष पद पर स्थायी नियुक्ति का इंतजार भी खत्म हो गया।
अनुभव और मजबूत प्रशासनिक पकड़ के लिए जानी जाती हैं तदाशा मिश्रा
तदाशा मिश्रा एक अनुभवी आईपीएस अधिकारी मानी जाती हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और महिला सुरक्षा एवं संवेदनशील मामलों की निगरानी में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
उनके नेतृत्व में पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि राज्य में कानून व्यवस्था और मजबूत होगी, संगठित अपराध, साइबर क्राइम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसिंग को नई दिशा मिलेगी।
सरकार का यह फैसला क्यों है अहम?
झारखंड में डीजीपी पद को लेकर लंबे समय से चर्चाएं जारी थीं। कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में रहे और अंततः सरकार ने तदाशा मिश्रा पर भरोसा जताया। यह नियुक्ति सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
आगे कई बड़ी चुनौतियां होंगी सामने
राज्य में बढ़ते साइबर फ्रॉड, नॉर्मल क्राइम कंट्रोल, नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण और बल के मनोबल को मजबूत रखना उनके सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी। साथ ही, जनता से पुलिस की बेहतर कनेक्टिविटी और भरोसे का रिश्ता मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकता मानी जा रही है।
सरकारी अधिसूचना के बाद राज्यभर में चर्चा
अधिसूचना जारी होते ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में यह खबर तेजी से चर्चा का विषय बन गई। कई अधिकारियों व लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में झारखंड पुलिस नई उपलब्धियां हासिल करेगी।