Uttarakhand Bus Accident: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। भिकियासैंण–विनायक मार्ग पर एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना भिकियासैंण–विनायक–जालली मोटर मार्ग पर शिलापनी के पास हुई। बस भिकियासैंण से रामनगर की ओर जा रही थी और सुबह करीब 6 बजे द्वाराहाट से निकली थी। रास्ते में एक तेज मोड़ के पास बस चालक का वाहन पर नियंत्रण हट गया और बस सीधा गहरी खाई में जा गिरी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में 6 से 7 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि बस में कुल 12 यात्री सवार थे। कई यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल भिकियासैंण में भर्ती कराया गया है। मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि प्रशासन द्वारा जल्द की जाएगी।
तेजी से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को खाई से निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने तुरंत अभियान शुरू किया। आशंका जताई जा रही है कि बस के अंदर अभी भी कुछ यात्री फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव दल लगातार अभियान जारी रखे हुए है।
जिला प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि दुर्घटना स्थल जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे रेस्क्यू टीमों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। आपदा अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि घायलों को जल्द से जल्द उचित इलाज उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जा रही है।
इलाके में शोक का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू टीम की मदद कर रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता और सरकारी मदद का आश्वासन दिया है।
जांच के आदेश, लापरवाही की पड़ताल जारी
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक जांच में बस के अनियंत्रित होने और सड़क की खतरनाक स्थिति को मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सावधानी, बेहतर सड़क सुरक्षा और मजबूत परिवहन व्यवस्था की जरूरत को उजागर करता है। फिलहाल प्रशासन रेस्क्यू और राहत कार्यों पर पूरी तरह फोकस कर रहा है।