केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक और गलत विज्ञापन के मामले में प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान Vision IAS (Ajay Vision Education Pvt. Limited) पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई CCPA अध्यक्ष निधि खरे के नेतृत्व में की गई जांच के बाद की गई है।
UPSC रिजल्ट को लेकर किए गए थे भ्रामक दावे
जांच में सामने आया कि Vision IAS ने अपनी वेबसाइट पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 और 2023 के परिणामों को लेकर ऐसे दावे किए, जो तथ्यों से मेल नहीं खाते थे। संस्थान ने दावा किया था कि
CCPA की जांच में ये दावे भ्रामक और गुमराह करने वाले पाए गए।
कोर्स की सच्चाई छुपाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि Vision IAS ने अपनी वेबसाइट पर कुछ चयनित उम्मीदवारों—जैसे शुभम कुमार—के GS Foundation Classroom Course को प्रमुखता से दिखाया, जबकि अन्य सफल उम्मीदवारों द्वारा लिए गए कोर्स (जैसे प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज, मेंस टेस्ट सीरीज, मॉक इंटरव्यू आदि) की जानकारी जानबूझकर छुपाई गई।
इससे यह भ्रम पैदा हुआ कि अधिकांश सफल उम्मीदवार फुल-टाइम क्लासरूम स्टूडेंट थे, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं था।
आंकड़ों में बड़ा अंतर
संस्थान ने दावा किया था कि UPSC 2022 और 2023 में कुल 119 उम्मीदवार सफल हुए, लेकिन जांच में पाया गया कि:
इस तरह विज्ञापन के जरिए छात्रों को यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी पूरी सफलता Vision IAS में पढ़ाई का नतीजा है।
कानून के तहत कार्रवाई
CCPA ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक विज्ञापन माना। चूंकि Vision IAS के खिलाफ इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, इसलिए इसे दोहराया गया अपराध मानते हुए अधिक जुर्माना लगाया गया।
अब तक 28 कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई
CCPA के अनुसार, अब तक 28 कोचिंग संस्थानों पर गलत और भ्रामक विज्ञापनों के लिए कुल 1.09 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि छात्रों को गुमराह करने वाले किसी भी प्रकार के विज्ञापन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई कोचिंग संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है कि परिणामों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना या अधूरी जानकारी देना कानूनन अपराध है।