रांची। झारखंड के पत्रकारिता जगत और शिक्षा क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद और रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो–वाइस चांसलर प्रो. डॉ. वेद प्रकाश शरण का मंगलवार तड़के करीब 3.00 बजे रांची के डिपाटोली स्थित क्यूरेस्टा अस्पताल में निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे।
परिजनों के अनुसार प्रो. शरण वर्ष 2021 से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था। उनकी मौत की खबर से परिवार, शुभचिंतकों, सहयोगियों, विद्यार्थियों और राज्य के पत्रकार समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने पीछे पुत्री और दामाद को छोड़ गए हैं।
शिक्षा जगत में प्रो. शरण का बड़ा योगदान
प्रो. डॉ. वेद प्रकाश शरण न केवल एक सम्मानित पत्रकार रहे, बल्कि शिक्षा की दुनिया में भी उन्होंने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। वे रांची विश्वविद्यालय में प्रो–वाइस चांसलर के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके थे। इसके अलावा वे सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष (एचओडी) रहे और इसी प्रतिष्ठित संस्थान से सेवानिवृत्त हुए।
पत्रकारिता शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान अमूल्य रहा। वे लंबे समय तक सेंट जेवियर्स कॉलेज में पत्रकारिता विभाग के निदेशक पद पर कार्यरत रहे और सैकड़ों विद्यार्थियों को पत्रकारिता के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया। आज मीडिया जगत में काम कर रहे कई प्रतिष्ठित पत्रकार उनके विद्यार्थी रहे हैं।
पत्रकारिता में तीन दशकों से अधिक का सफर
प्रो. वेद प्रकाश शरण ने लगभग तीन दशक से ज्यादा समय तक सक्रिय पत्रकारिता की। वे लंबे समय तक द स्टेट्समैन अखबार से जुड़े रहे और अपनी निष्पक्ष, गंभीर और प्रभावी लेखनी के लिए जाने जाते थे। रांची प्रेस क्लब के संगठनात्मक निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही। वे रांची प्रेस क्लब के संस्थापक संयुक्त सचिव थे और हमेशा पत्रकार हितों और पत्रकारिता की गरिमा के लिए संघर्षरत रहे।
राजनीति के क्षेत्र में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
पत्रकारिता और शिक्षा जगत के साथ–साथ प्रो. शरण राजनीति में भी सक्रिय रहे। वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व मुख्य प्रवक्ता के रूप में उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक मुद्दों पर उनकी पकड़, स्पष्ट विचार और संतुलित दृष्टिकोण के लिए उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था।
निधन से उपजा शून्य, श्रद्धांजलि की लहर
प्रो. शरण के निधन से राज्य के पत्रकारिता जगत, शैक्षणिक जगत और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शून्य पैदा हो गया है। उनके निधन पर अनेक पत्रकार, शिक्षाविद, राजनीतिक नेता और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक सच्चा शिक्षक, संवेदनशील पत्रकार और विनम्र व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
झारखंड की पत्रकारिता में उनकी पहचान एक ऐसी आवाज़ के रूप में रही, जिसने हमेशा समाज और लोकतंत्र के हित में कलम चलाई। शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा तैयार किए गए विद्यार्थियों की लंबी पीढ़ी आज भी उनके प्रेरणादायक व्यक्तित्व को याद करती है।
प्रो. डॉ. वेद प्रकाश शरण को विनम्र श्रद्धांजलि।
ईश्वर उनके परिजनों और शुभचिंतकों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करे।