• India
Santosh Gangwar, Jharkhand Governor, Jamshedpur News, Shrinath University, Convocation Ceremony, Students News, Education News Jharkhand, Moral Values in Education, NEP 2020, University News, samacharplus, samachar plus, samachar plus Jharkhand, samacharplus bihar, samachar plus live, sumeet roy, sumeet roy samacharplus, ranchi, ranchi news, ranchi samachar, Jharkhand, Jharkhand updates , Jharkhand news, Jharkhand khabar, समाचार प्लस, समाचार प्लस झारखंड, समाचार प्लस लाइव, रांची, रांची न्यूज़, रांची खबर, रांची समाचार, रांची अपडेट, झारखण्ड, झारखंड खबर, झारखंड न्यूज़,  | झारखंड
झारखंड

राज्यपाल संतोष गंगवार ने छात्रों से कहा - नैतिक मूल्य और सामाजिक दायित्व के बिना अधूरी है शिक्षा

जमशेदपुर के श्रीनाथ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों से ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने की अपील की।

जमशेदपुर। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों से आह्वान किया है कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि एक सच्चे शिक्षित व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र, आचरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है।

राज्यपाल बुधवार को श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन और संकल्प का भी प्रतीक होता है।

निजी विश्वविद्यालय यूजीसी के मापदंडों का करें पालन

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि राज्य में स्थापित सभी निजी विश्वविद्यालयों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूरी तरह पालन करें। साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराते हुए अकादमिक अनुशासन बनाए रखें।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन से सक्रिय और प्रभावी प्लेसमेंट व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा, उद्योग और समाज के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करना चाहिए।

आत्मनिर्भरता से जुड़ी शिक्षा पर जोर

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा जताते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों को सहयोग देना शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका होनी चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) का उल्लेख करते हुए कहा कि नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनना चाहिए।

विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना

अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने सभी स्नातक विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे अपने ज्ञान और मूल्यों के बल पर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें।

You can share this post!

Comments

Leave Comments