कोडरमा (झारखंड): झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर कफ सिरप पीने से एक डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। यह घटना शनिवार देर रात कोडरमा थाना क्षेत्र के लोकई भुइयां टोला की बताई जा रही है। रविवार को अधिकारियों ने मामले की पुष्टि की।
मृतक बच्ची की पहचान रागिनी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बच्ची को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, जिसके बाद पास के एक निजी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप खरीदा गया था। सिरप पिलाने के कुछ समय बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और देर रात उसकी मौत हो गई।
कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को इस मामले की सूचना मिल चुकी है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर (DI) को भी मामले से अवगत करा दिया गया है और सोमवार को उनसे विस्तृत जांच कराई जाएगी। संबंधित मेडिकल स्टोर और कफ सिरप के सैंपल की भी जांच की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले पहले भी देश के कई हिस्सों में सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की हालत बिगड़ने और मौत की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों में Coldrif नामक कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) जैसे जहरीले रसायन की अधिक मात्रा पाए जाने की बात सामने आई थी, जिससे बच्चों को किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्या हुई थी।
इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे थे और कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं।
जांच के बाद होगी स्थिति साफ
फिलहाल कोडरमा की इस घटना में बच्ची की मौत का सटीक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता, मेडिकल स्टोर की जिम्मेदारी और दवा नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।