रांची। सरकारी स्कूलों में आयोजित होने वाली विशेष अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) की तारीख बदल दी गई है। चार चरणों में आयोजित की जा रही इस विशेष बैठक का अगला चरण, जिसमें मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों की उपस्थिति निर्धारित है, अब 16 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। पहले यह बैठक 24 दिसंबर को होने वाली थी।
❄️ तारीख बदली, कारण ये रहा
क्रिसमस और शीतकालीन अवकाश को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने बैठक की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस पर विचार करते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर नई तारीख निर्धारित करने का निर्देश दिया है।
जनप्रतिनिधियों को 10 स्कूलों का भ्रमण करने का अनुरोध
बैठक को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से अपने क्षेत्र के कम से कम 10 सरकारी स्कूलों का भ्रमण कर पीटीएम में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
इसी के तहत चिन्हित विद्यालयों के अलावा अन्य सरकारी स्कूलों में भी पीटीएम प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
माता-पिता को मिलेगा सुनहरा मौका
इस विशेष पीटीएम में—
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बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और प्रदर्शन की समीक्षा
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स्कूल की स्थिति और सुधार पर चर्चा
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शिक्षकों, प्रशासन और अभिभावकों के बीच संवाद
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शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर बातचीत
की जाएगी।
यह प्रयास अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन से जोड़ने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य में शीतलहर, मुख्यमंत्री की जनता से अपील
राज्य में बढ़ती ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।
🧣 CM ने दी ये सलाहें
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सुबह और देर शाम अनावश्यक बाहर न निकलें
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गर्म कपड़े पहनें
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बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
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अलाव/हीटर का उपयोग करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखें
यदि खांसी-जुकाम, कमजोरी या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है। आपातकालीन स्थिति में
📞 108 एम्बुलेंस
📞 104 हेल्पलाइन
📞 1800-345-6540
पर संपर्क करने की अपील की गई है।
समापन
सरकारी स्कूलों में आयोजित होने वाली यह विशेष पीटीएम शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं शीतलहर के बीच मुख्यमंत्री की अपील जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।