रांची। झारखंड में दो बड़े आयोजनों को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा की व्यापक तैयारी की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में जुटने वाली वीआईपी और आम लोगों की भारी भीड़ से लेकर दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा तक, पूरे राज्य में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। दोनों आयोजनों के मद्देनजर 10 हजार से अधिक जवानों और अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में भारतीय प्रशासनिक सेवा तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तैनाती की गई है।

रामगढ़ जिले के नेमरा में 18 अक्टूबर को होने वाले संस्कार भोज के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वहीं, दुर्गा पूजा के दौरान प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि दोनों आयोजनों के दौरान विधि-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नेमरा में सुरक्षा की कमान 14 आईपीएस और 42 डीएसपी के हाथ

मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज के मद्देनजर रामगढ़ जिले में 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और करीब 2,300 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों और जवानों को 18 अक्टूबर के कार्यक्रम के बाद 19 अक्टूबर की सुबह तक विधि-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए रामगढ़ जिले को 13 सुपर जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है। इन 13 सुपर जोन के अंतर्गत 42 जोन बनाए गए हैं, जिनकी कमान 42 डीएसपी संभालेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

झारखंड जगुआर, एटीएस और रैप की भी तैनाती

नेमरा में सामान्य पुलिस बल के अलावा विशेष सुरक्षा इकाइयों को भी लगाया गया है। झारखंड जगुआर के पांच असॉल्ट ग्रुप में 135 जवान तैनात किए गए हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की दो हिट टीम और रैपिड एक्शन पुलिस (रैप) की दो कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी।

इसके अतिरिक्त पुलिस इंस्पेक्टर, सहायक अवर निरीक्षक और दारोगा स्तर के अधिकारियों के साथ पुरुष एवं महिला लाठी बल तथा यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 60 पुलिस इंस्पेक्टर, एएसआई से दारोगा स्तर के 300 पुलिसकर्मी, यातायात के 40 एएसआई से दारोगा स्तर के कर्मी, 1,265 पुरुष लाठी बल, 100 महिला लाठी बल और 100 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है।

दुर्गा पूजा में भी सुरक्षा का व्यापक इंतजाम

नेमरा में संस्कार भोज के साथ-साथ राज्यभर में दुर्गा पूजा को लेकर भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। प्रमुख पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। बम निरोधक दस्ते और अश्रु गैस दस्ते को भी जरूरत के अनुसार तैयार रखा गया है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान रांची में 749, जमशेदपुर में 361, हजारीबाग में 330, गिरिडीह में 340 और धनबाद में 220 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। बोकारो में 150, देवघर में 160, साहिबगंज में 170 और रामगढ़ में 158 जवानों की तैनाती की गई है। अन्य जिलों में भी सुरक्षा जरूरतों के अनुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है।

रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग और गिरिडीह में बम निरोधक तथा अश्रु गैस दस्ते की व्यवस्था की गई है। धनबाद में अश्रु गैस दस्ता तैनात रहेगा। अन्य जिलों में भी स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध बल के आधार पर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

रांची समेत सभी जिलों में सतर्कता

दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंडालों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस का जोर भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपात स्थितियों से निपटने पर है। सुरक्षा बलों को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जैप, इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी), विशिष्ट इंडियन रिजर्व बटालियन (एसआईआरबी) और झारखंड जगुआर के जवानों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के सामने एक ओर नेमरा में बड़े आयोजन के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर दुर्गा पूजा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

दोनों आयोजनों को देखते हुए झारखंड में सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन की तैयारी का उद्देश्य स्पष्ट है—भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना, श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटना।