रांची: झारखंड के लिए प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए मसूरी के साथ झारखंड की राजधानी रांची का नाम भी जुड़ने जा रहा है। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) ने रांची के श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान में आईएएस अधिकारियों का साढ़े तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के आगे बढ़ने से झारखंड देश के प्रमुख प्रशासनिक प्रशिक्षण केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है।

श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान, रांची को हाल के दिनों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षण व्यवस्था और पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए ISO प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। संस्थान के प्रशासनिक और अकादमिक ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मान्यता मिलने के बाद यहां अखिल भारतीय सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की संभावना मजबूत हुई है।

संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष रंजन के अनुसार, अखिल भारतीय सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के लिए झारखंड के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान का चयन हुआ है। इस संबंध में जल्द ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मसूरी के साथ रांची में भी IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग की तैयारी

अब तक सिविल सेवा परीक्षा में सफल होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने वाले अधिकारियों के फाउंडेशन कोर्स के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी प्रमुख संस्थान रहा है। अब रांची स्थित श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान में भी इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया है।

प्रस्ताव के अनुसार, आईएएस अधिकारियों का साढ़े तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स रांची में कराया जा सकता है। इसके लिए महाराष्ट्र और तेलंगाना की राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमियों का भी चयन किया गया है।

यदि यह योजना निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू होती है, तो झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। इससे राज्य के प्रशिक्षण संस्थान को देशभर के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ काम करने और आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण की पद्धतियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, रांची में फाउंडेशन कोर्स शुरू होने की अंतिम तारीख, प्रशिक्षुओं की संख्या और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।

श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान को मिले तीन ISO प्रमाणपत्र

रांची स्थित श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान को बेहतर शिक्षण, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पर्यावरण प्रबंधन के लिए तीन ISO प्रमाणपत्र मिले हैं। ये प्रमाणपत्र संस्थान की कार्यप्रणाली, अकादमिक व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाते हैं।

संस्थान को राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के फाउंडेशन कोर्स तथा सेवाकाल के दौरान आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के उच्चस्तरीय संचालन के आधार पर यह उपलब्धि मिली है।

क्वालिटी रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (QRO) ने संस्थान के प्रशासनिक और अकादमिक ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप मान्यता दी है। इस उपलब्धि से संस्थान की विश्वसनीयता और प्रशिक्षण क्षमता को मजबूती मिली है।

ISO प्रमाणपत्र मिलने के बाद संस्थान के सामने अब प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर है।

केंद्र सरकार के निर्देश पर किए गए चार महत्वपूर्ण कार्य

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशा-निर्देशों के तहत श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान में चार प्रमुख क्षेत्रों में काम किया गया है। इन प्रयासों से संस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत हुई है।

इन कार्यों में प्रशिक्षण की जरूरतों का वैज्ञानिक विश्लेषण, पाठ्यक्रमों की संरचना, प्रभावी प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करना और प्रशिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों में दक्ष बनाना शामिल है।

इन पहलों का उद्देश्य केवल सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए अधिक सक्षम बनाना है।

संस्थान में प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए भी कई प्रयोग किए गए हैं, ताकि अधिकारी वास्तविक प्रशासनिक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय ले सकें और जनता से जुड़े मामलों को अधिक प्रभावी तरीके से संभाल सकें।

नौ राज्यों के अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान की गतिविधियां केवल झारखंड तक सीमित नहीं रही हैं। DoPT के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत देश के कई राज्यों के अधिकारियों को भी यहां प्रशिक्षण दिया गया है।

इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और मेघालय शामिल हैं।

विभिन्न राज्यों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने से संस्थान को अलग-अलग प्रशासनिक व्यवस्थाओं, चुनौतियों और कार्यप्रणालियों के अनुभव साझा करने का अवसर मिला है। इससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यापक और व्यावहारिक बनाने में मदद मिली है।

संस्थान में अधिकारियों के साथ-साथ मास्टर ट्रेनर तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। ये प्रशिक्षक आगे अपने-अपने संस्थानों में अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों पर दिया जा रहा जोर

आज के प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों से केवल नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी रखने की अपेक्षा नहीं की जाती, बल्कि उनसे बेहतर नेतृत्व, प्रभावी संवाद, त्वरित निर्णय और जनहित में काम करने की क्षमता भी जरूरी होती है।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान में प्रशिक्षण की जरूरतों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। प्रशिक्षण मॉड्यूल को इस तरह विकसित करने पर जोर दिया गया है, जिससे अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।

आधुनिक शिक्षण तकनीकों के इस्तेमाल और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षण को अधिक उपयोगी बनाने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में गुणवत्ता सुधारना भी है।

झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी नई पहचान

रांची में आईएएस अधिकारियों का फाउंडेशन कोर्स आयोजित करने का प्रस्ताव झारखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने का अवसर मिल सकता है।

इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था, स्थानीय चुनौतियों और विकास से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर मिलेगा।

यह पहल राज्य में प्रशिक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे, शिक्षण संसाधनों और अकादमिक गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में भी उपयोगी साबित हो सकती है।

फिलहाल, प्रस्ताव के क्रियान्वयन और आगे की औपचारिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। यदि रांची में साढ़े तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स शुरू होता है, तो यह झारखंड के लिए प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

डॉ. मनीष रंजन, निदेशक, श्रीकृष्ण सिन्हा लोक संस्थान, रांची ने कहा कि अखिल भारतीय सिविल सेवा के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के लिए झारखंड के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान का चयन हुआ है और जल्द ही इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।