पोटका/पूर्वी सिंहभूम: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शनिवार को राज्यभर में प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में पूर्वी सिंहभूम के पोटका अंचल कार्यालय में भी झामुमो कार्यकर्ताओं ने विधायक संजीव सरदार के नेतृत्व में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोग भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। पार्टी का कहना है कि संशोधन का असर झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के राजस्व अधिकारों पर पड़ सकता है।
विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
पोटका विधायक संजीव सरदार ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि शनिवार का आंदोलन शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस कानून में बदलाव को लेकर ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संजीव सरदार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस कानून से झारखंड को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे पर आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।
हालांकि, ये आरोप झामुमो की ओर से लगाए गए हैं। केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से MMDR संशोधन को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। भाजपा ने पहले कहा है कि संशोधन राज्य के हित में है और इसका उद्देश्य अवैध खनन पर अंकुश लगाने समेत खनन क्षेत्र में सुधार करना है।
अंचल कार्यालय में निकली रैली
पोटका में प्रदर्शन से पहले झामुमो कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने MMDR संशोधन अधिनियम को वापस लेने अथवा झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए इसमें बदलाव की मांग उठाई।
झामुमो ने इससे पहले भी पोटका क्षेत्र में इस कानून को लेकर जनजागरण अभियान चलाया था। अगस्त के अंत में विधायक संजीव सरदार ने ग्रामीण इलाकों में बैठक कर लोगों को संशोधन के संभावित प्रभावों के बारे में पार्टी का पक्ष बताया था।
पूरे पूर्वी सिंहभूम में प्रदर्शन
MMDR संशोधन के खिलाफ JMM ने पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न प्रखंड और नगर निकाय क्षेत्रों में प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। पार्टी की ओर से पहले ही कार्यकर्ताओं को संबंधित प्रखंड और नगर निकाय कार्यालयों में जुटने का निर्देश दिया गया था।
पोटका में विधायक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन को इसी राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा बताया गया है।
क्या है MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर विवाद?
Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद तेज है। केंद्र सरकार की ओर से अगस्त 2026 में पारित कानून में खनिज-युक्त भूमि को अधिनियम के दायरे में लाने और राज्यों की ओर से खनिज अधिकारों तथा खनिज-युक्त भूमि पर कर, सेस या अन्य लेवी लगाने से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। केंद्र के अनुसार राज्यों को मिलने वाले अन्य राजस्व स्रोत और रॉयल्टी आदि की व्यवस्था अलग-अलग प्रावधानों के तहत जारी रहती है।
झारखंड सरकार और JMM इस संशोधन के प्रभाव को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला भी किया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संशोधित कानून को चुनौती देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यदि केंद्र सरकार झारखंड की आपत्तियों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में पार्टी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।
JMM की ओर से MMDR संशोधन को लेकर पहले भी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई थी। पार्टी ने प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन और जनजागरण अभियान के जरिए इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की रणनीति बनाई है।
फिलहाल MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच राजनीतिक और कानूनी टकराव जारी है। JMM के प्रदर्शन के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।