नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इन पांचों परियोजनाओं की कुल लागत करीब 13,041 करोड़ रुपये है।
इन पांच परियोजनाओं में चार रेलवे से जुड़ी हैं, जबकि एक महत्वपूर्ण परियोजना सड़क परिवहन क्षेत्र की है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से कई राज्यों में रेल और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
रेलवे की 4 परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने देश के प्रमुख रेल मार्गों पर क्षमता बढ़ाने और यातायात को सुगम बनाने के लिए चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इनमें हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग के चौहरीकरण से जुड़ी परियोजना शामिल है। इस मार्ग पर अतिरिक्त रेल लाइन बनने से यातायात की क्षमता बढ़ने और यात्रियों एवं माल परिवहन को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा कटक-पारादीप रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे इस महत्वपूर्ण रेल रूट की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
इसके साथ ही रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दो अन्य महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिली है।
बिहार को मिला बड़ा तोहफा
कैबिनेट के पांचवें फैसले का सीधा लाभ बिहार को मिलने वाला है। सरकार ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए नेपाल सीमा तक सोनबरसा मार्ग को फोर लेन बनाने की परियोजना को मंजूरी दी है।
इस हाईवे के निर्माण से बिहार के उत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। नेपाल सीमा तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से आवागमन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगी रफ्तार
केंद्र सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने से देश के अलग-अलग हिस्सों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। रेलवे की क्षमता बढ़ने से यात्रियों और माल ढुलाई को सुविधा मिलेगी, जबकि नए फोर लेन हाईवे से सड़क संपर्क बेहतर होगा।
सरकार का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा आम लोगों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज हो सकेगी।