हजारीबाग (झारखंड): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार की सुबह हजारीबाग जिले के पेलावल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने स्थानीय दंत चिकित्सक डॉ. जमिल के आवास पर सर्च ऑपरेशन चलाया। एडवांस प्लानिंग के तहत NIA टीम के साथ 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर पूरा इलाका कुछ समय के लिए सील कर दिया गया।


टेरर फंडिंग और आतंकी नेटवर्क से जुड़े लिंक्स की जांच

एजेंसी इस कार्रवाई को देशभर में चल रही टेरर फंडिंग और संदिग्ध आतंकी नेटवर्क की जांच से जोड़कर देख रही है। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में आतंकी संगठनों की गतिविधियों और उनके फंडिंग चैनल्स से जुड़े सुराग मिलने के बाद NIA ने हजारीबाग में यह ऑपरेशन शुरू किया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एजेंसी को आशंका है कि डॉ. जमिल का नाम उन लोगों की सूची में शामिल हो सकता है जो:

  • आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट,

  • संभावित फंडिंग चैनल,

  • या राज्यों के बीच नेटवर्किंग सपोर्ट

प्रदान करते हैं।

अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क झारखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है।


ISIS मॉड्यूल का इतिहास, पेलावल पर बढ़ी एजेंसियों की नजर

पेलावल क्षेत्र इस तरह की जांचों के लिए नया नहीं है। पिछले वर्षों में यहां से ISIS मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इसी वजह से यह इलाका सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहता है और NIA इस क्षेत्र में उत्पन्न किसी भी नए लिंक को गंभीरता से ले रही है।


घर से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त

छापेमारी के दौरान NIA टीम ने:

  • लैपटॉप

  • मोबाइल फोन

  • हार्ड डिस्क

  • कुछ महत्वपूर्ण कागजात

को कब्जे में लिया है।
डॉ. जमिल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इन डिवाइसेज़ की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि क्या उनके माध्यम से किसी आतंकी संगठन को आर्थिक या तकनीकी सहायता दी गई थी।


NIA और पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार

अब तक NIA या झारखंड पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने इतना जरूर कहा है कि छापेमारी “राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक चल रहे मामले” का हिस्सा है।

स्थानीय निवासी सुबह की इस बड़ी कार्रवाई से हैरान हैं और पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।