रांची: झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 51 चिकित्सा पदाधिकारियों का तबादला और नई जगहों पर पदस्थापन किया है। इस संबंध में विभाग ने 31 जुलाई 2026 को अधिसूचना जारी की है। इस फेरबदल में कई जिलों के सिविल सर्जनों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
रांची के सिविल सर्जन को मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रशासनिक बदलाव के तहत रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार को स्वास्थ्य निदेशालय में निदेशक (स्वास्थ्य) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें चिकित्सा शिक्षा निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग में इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।
डॉ. मीता सिन्हा बनीं परिवार कल्याण निदेशक
डोरंडा राजकीय औषधालय की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मीता सिन्हा को निदेशक (परिवार कल्याण) बनाया गया है। वहीं डॉ. अश्विनी कुमार को राज्य आरसीएच पदाधिकारी तथा डॉ. रंजीत प्रसाद को राज्य वेक्टर जनित रोग निवारण पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देवघर और जामताड़ा में भी बदलाव
सरकार ने जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा को देवघर का नया सिविल सर्जन नियुक्त किया है। वहीं, देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार को अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी बनाया गया है।
15 अगस्त तक कार्यमुक्त करने का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानांतरित चिकित्सा पदाधिकारियों को 15 अगस्त 2026 तक नई जगह के लिए कार्यमुक्त (विरमित) कर दिया जाए। यदि किसी अधिकारी को तय समय तक विरमित नहीं किया जाता है, तो वह 16 अगस्त 2026 की दोपहर से स्वतः विरमित माना जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगस्त 2026 का वेतन सभी स्थानांतरित डॉक्टरों को उनके नए पदस्थापन स्थल से ही मिलेगा।
नई पोस्टिंग नहीं मिलने वालों को रांची में योगदान का निर्देश
जिन चिकित्सा पदाधिकारियों की जगह पर दूसरे अधिकारियों की पोस्टिंग कर दी गई है, लेकिन उनकी नई तैनाती अभी नहीं हुई है, उन्हें स्वास्थ्य विभाग, रांची में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
चार प्रतीक्षारत डॉक्टरों को भी मिली नई जिम्मेदारी
पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे डॉ. शेख मो. जफरुल्लाह, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. श्याम सुन्दर पासवान और डॉ. सुशान्तो कुमार मांझी को भी नई जगहों पर पदस्थापित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग का यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।