पटना। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बिहार के कई जिलों तक फैल चुका है। पिछले तीन दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन, सड़क जाम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। गुरुवार को छात्र संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया, जिसके चलते कई जिलों में जनजीवन प्रभावित रहा।
दूसरी ओर, बढ़ते प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए बिहार पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने अब तक 27 एफआईआर दर्ज करते हुए करीब 2000 अज्ञात छात्रों को आरोपी बनाया है। साथ ही 270 छात्रों की तस्वीरें सार्वजनिक कर उनकी पहचान कराने की अपील की गई है। अब तक 93 छात्रों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
जंतर-मंतर से बिहार तक पहुंचा आंदोलन
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध जारी है। आंदोलन की शुरुआत दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी, जहां परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद आंदोलन की गूंज बिहार में भी सुनाई देने लगी।
पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद, कटिहार समेत कई जिलों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
27 एफआईआर, 2000 अज्ञात छात्र आरोपी
बिहार पुलिस ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में राज्यभर में 27 एफआईआर दर्ज की हैं।
इन मामलों में लगभग 2000 अज्ञात छात्रों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
अब तक 93 छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
270 छात्रों की तस्वीरें जारी
पुलिस ने जांच को तेज करते हुए 270 छात्रों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन तस्वीरों में कई छात्र प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से इनकी पहचान कराने में सहयोग की अपील की है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने तो पहचान बताने वाले व्यक्ति को ₹10,000 का इनाम देने की भी घोषणा की है।
हालांकि, कुछ तस्वीरों में ऐसे छात्र भी दिखाई दे रहे हैं जो केवल घटनास्थल पर खड़े या बातचीत करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है।
पटना में सबसे ज्यादा कार्रवाई
राजधानी पटना में बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चार थानों में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पटना के विभिन्न थानों में कुल 21 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन मामलों में अब तक 57 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार छात्रों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा फैलाने, जानलेवा हमला करने, उपद्रव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
CCTV और सोशल मीडिया से हो रही पहचान
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वालों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों में जारी रहा प्रदर्शन
बिहार बंद के दौरान पटना, दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार सहित कई जिलों में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
पटना कॉलेज के समीप छात्रों ने अशोक राजपथ को जाम कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
जहानाबाद में पुलिस ने की हवाई फायरिंग
जहानाबाद में प्रदर्शन के दौरान स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया।
इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और वहां भी पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लगभग 30 राउंड हवाई फायरिंग की। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बेगूसराय और कटिहार में भी तनाव
बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कई छात्र मुख्य प्रवेश द्वार पर चढ़ गए, जबकि पुलिस उन्हें लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील करती रही।
कटिहार में प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी में ड्यूटी पर तैनात एक मजिस्ट्रेट घायल हो गए। उनकी आंख में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अलर्ट मोड पर
लगातार हो रहे प्रदर्शनों और बिहार बंद को देखते हुए राज्यभर में पुलिस हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना सभी नागरिकों का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।