रांची: झारखंड की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) अब बड़े बदलावों की ओर बढ़ रही है। रिम्स की 64वीं गवर्निंग बॉडी (GB) की बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पताल के आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में रिम्स पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा और मरीजों को पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

एयरपोर्ट जैसे बनेंगे टॉयलेट, बदलेगा रिम्स का स्वरूप

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रिम्स के पुराने वार्ड, ओपीडी और एबी ब्लॉक का व्यापक नवीनीकरण किया जाएगा। ऑर्थोपेडिक वार्ड को भी आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा ताकि किसी मरीज को फर्श पर रहने की नौबत न आए।

इसके अलावा अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। रिम्स के सभी शौचालयों को एयरपोर्ट स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। जहां-जहां फर्श क्षतिग्रस्त हो चुका है, वहां नया और मजबूत फर्श लगाया जाएगा।

250 MBBS और 250 PG सीटों को मिली मंजूरी

बैठक में मेडिकल शिक्षा के विस्तार को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। रिम्स में 250 नई एमबीबीएस सीटें और 250 पीजी सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रत्येक नई सीट के लिए केंद्र सरकार से लगभग 1.4 से 1.5 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग नई इमारतों, क्लासरूम और फैकल्टी की व्यवस्था के लिए किया जाएगा।

200 नए वेंटिलेटर खरीदने का फैसला

मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए रिम्स में 200 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे। वहीं कैंसर मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक मशीनों की लागत बढ़ने के कारण अतिरिक्त बजट की जरूरत है। इस प्रस्ताव को अब राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

झारखंड का पहला 45 बेड का रिहैब सेंटर

रिम्स में राज्य का पहला 45 बेड का आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां हड्डी रोगियों और दिव्यांगजनों के उपचार एवं पुनर्वास की विशेष व्यवस्था होगी।

इसके साथ ही रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की भी मंजूरी दी गई है, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता और आधुनिक तकनीक के साथ किए जा सकेंगे।

मरीजों की मदद के लिए नियुक्त होंगे नए वार्ड बॉय

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अक्सर अस्पताल में सही विभाग और डॉक्टर तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसे देखते हुए रिम्स में नए वार्ड बॉय नियुक्त किए जाएंगे, जिनका मुख्य कार्य मरीजों का मार्गदर्शन करना और उन्हें संबंधित विभाग तक पहुंचाना होगा।

डेली वेज कर्मचारियों को राहत

बैठक में डेली वेज पर कार्यरत कर्मचारियों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य में इन कर्मचारियों को नियमित करने पर भी विचार किया जाएगा।

साथ ही कई विशेषज्ञ डॉक्टरों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं और मजबूत होंगी।

डेंगू-मलेरिया को लेकर अलर्ट

डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए रांची, जमशेदपुर, खूंटी, सरायकेला समेत राज्य के सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

सांसद संजय सेठ पर साधा निशाना

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सांसद संजय सेठ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि सांसद के पास स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सुझाव थे तो उन्हें बैठक में आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी।

डॉ. अंसारी ने यह भी कहा कि यदि सांसद वास्तव में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें रांची में एम्स (AIIMS) लाने के लिए सहयोग करना चाहिए।

"एक महीने में दिखेगा बदलाव"

स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर रिम्स के नवीनीकरण का कार्य तेज गति से शुरू हो जाएगा और जल्द ही राज्य की जनता को एक आधुनिक, सुविधासंपन्न और बेहतर रिम्स देखने को मिलेगा।