जमशेदपुर: शहर के चर्चित डीडी बार (DD Bar) के सामने हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड और प्रत्युष आनंद पर जानलेवा हमले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार को नाटकीय अंदाज में बिष्टुपुर थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। राहुल के सरेंडर के बाद पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है और जांच एजेंसियां तेजी से आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं।
नाटकीय अंदाज में थाने पहुंचा राहुल दुबे
पुलिस के मुताबिक, सोनारी निवासी राहुल दुबे के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कथित तौर पर रविदास गिरोह से जुड़ा हुआ है। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद उसकी गिरफ्तारी की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
जांच में सामने आया है कि हिमांशु सिंह की हत्या वाले दिन राहुल दुबे अपने साथियों के साथ डीडी बार में मौजूद था। पुलिस अब उससे पूछताछ के जरिए हत्या की पूरी साजिश और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अब तक 12 आरोपित गिरफ्तार
इस बहुचर्चित हत्याकांड में अब तक 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही कई और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
नीरज सिंह और मुख्य आरोपी बोदरा को रिमांड पर लेने की तैयारी
मामले की तह तक पहुंचने के लिए बिष्टुपुर थाना पुलिस अब डीडी बार के मालिक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह और मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से हत्या की साजिश, घटना के पीछे की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अहम खुलासे हो सकते हैं।
बार मैनेजर से था राहुल का करीबी संपर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल दुबे का डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद से करीबी संपर्क था। पुलिस को संदेह है कि राहुल का बार में नियमित आना-जाना था और वहां होने वाले कई विवादों का निपटारा भी उसी के जरिए किया जाता था। इसी पहलू को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
CCTV फुटेज और मोबाइल डेटा खंगाल रही पुलिस
घटनास्थल और डीडी बार परिसर के सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध चेहरे सामने आए हैं। पुलिस उनकी पहचान कर उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
वहीं, नीरज सिंह से जब्त मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को तकनीकी सेल की मदद से खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि घटना से पहले और बाद में हुई बातचीत पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित होगी।
जल्द हो सकते हैं बड़े खुलासे
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की परत-दर-परत जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इस चर्चित हत्याकांड से जुड़े कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।