रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के बीच बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य के 2,17,27,827 कुल मतदाताओं में से 47,35,409 मतदाता (करीब 17.89 प्रतिशत) अब भी अन-मैप्ड (Un-Mapped) हैं। यदि ये मतदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने में समस्या आ सकती है।
निर्वाचन विभाग ने इन सभी अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी है। साथ ही आम नागरिकों की सुविधा के लिए इसे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है, ताकि लोग अपना नाम जांचकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने का अभियान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही विवरण के साथ सूची में दर्ज रहे।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, बूथ लेवल एजेंट (BLA) और आम मतदाताओं से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
पहले से मैप्ड मतदाताओं को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पहले ही मैपिंग हो चुकी है, उन्हें किसी भी प्रकार का नया दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से उपलब्ध रिकॉर्ड को ही पर्याप्त माना जाएगा।
हालांकि, अन-मैप्ड मतदाताओं को नए इन्यूमरेशन फॉर्म में पिछले SIR से संबंधित मैपिंग का विवरण अनिवार्य रूप से भरना होगा। इससे उनकी पहचान का सत्यापन आसान होगा और मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि या दोहराव से बचा जा सकेगा।
पिछले SIR का रिकॉर्ड होगा 'सुपीरियर डॉक्यूमेंट'
के. रवि कुमार ने बताया कि पिछले SIR के दौरान सत्यापित मतदाता रिकॉर्ड को 'सुपीरियर डॉक्यूमेंट' माना गया है। यानी जिन मतदाताओं का विवरण पहले से सत्यापित है, उनके लिए वही रिकॉर्ड प्राथमिक आधार होगा। इससे अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और पुनरीक्षण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
10 दिनों में 66.25 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचे BLO
निर्वाचन विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिनों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने 1,75,31,915 मतदाताओं, यानी राज्य के 66.25 प्रतिशत मतदाताओं तक घर-घर पहुंचकर इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं।
यह अभियान राज्य के सभी जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलाया जा रहा है।
BLA भी निभा रहे अहम भूमिका
निर्वाचन विभाग ने बताया कि इस अभियान में केवल BLO ही नहीं, बल्कि विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। इससे मतदाता सूची के सत्यापन और मैपिंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन रही है।
अन-मैप्ड मतदाता समय पर पूरी करें प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अपील की कि जिन मतदाताओं का नाम अन-मैप्ड सूची में शामिल है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर इन्यूमरेशन फॉर्म भरें और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य में मतदान के अधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने दोहराया कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे विभाग की वेबसाइट पर जारी अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और यदि उनका नाम सूची में शामिल है, तो निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।