रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय प्रबंधन और जल संसाधन जैसे कई अहम क्षेत्रों पर पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम लोगों तक सरकारी सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेंगी।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार, VB-GRAM G योजना को मंजूरी

कैबिनेट की बैठक में VB-GRAM G योजना को स्वीकृति दी गई। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

सरकार के अनुसार, योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित विभाग जल्द ही अधिसूचना के माध्यम से जारी करेगा। उम्मीद की जा रही है कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी।

प्रखंड और अंचल स्तर पर JAS अधिकारियों की होगी तैनाती

प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के अधिकारियों की प्रखंड और अंचल स्तर पर तैनाती को मंजूरी दे दी है।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से—

प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

सरकारी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी।

आम जनता को सरकारी सेवाएं समय पर मिल सकेंगी।

स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

विधानसभा में पेश होगी CAG की रिपोर्ट

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में पेश की जाएगी।

इस रिपोर्ट के जरिए विभिन्न विभागों के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की जाएगी, जिससे सरकारी खर्च और योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

RIMS-2 निर्माण परियोजना को मिली हरी झंडी

राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से RIMS-2 के निर्माण को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद—

अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।

राज्य के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में होगा नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 8 से 9 जुलाई तक दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन को भी मंजूरी प्रदान की।

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, नीति निर्माता और प्रशासनिक अधिकारी विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।

नई समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली 2026 को मंजूरी

बैठक में झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।

नई नियमावली लागू होने के बाद भर्ती, सेवा शर्तों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक स्पष्टता आने की संभावना है।

बिहार और झारखंड के बीच होगा जल बंटवारा समझौता

कैबिनेट ने बिहार और झारखंड के बीच जल बंटवारा समझौते (MoU) को भी मंजूरी दी है।

सरकार का कहना है कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के उपयोग को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित होगा और भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में सहायता मिलेगी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में

✅ कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी।

✅ VB-GRAM G योजना लागू करने का निर्णय।

✅ RIMS-2 निर्माण को स्वीकृति।

✅ प्रखंड एवं अंचल स्तर पर JAS अधिकारियों की तैनाती।

✅ विधानसभा में CAG रिपोर्ट पेश होगी।

✅ 8-9 जुलाई को दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन।

✅ झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली-2026 को मंजूरी।

✅ बिहार-झारखंड जल बंटवारा समझौते को स्वीकृति।

क्या होगा इन फैसलों का असर?

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा, स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। आने वाले दिनों में संबंधित विभाग इन प्रस्तावों की विस्तृत अधिसूचनाएं जारी करेंगे।