रांची। झारखंड में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में अब झारखंड पर्यटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Jharkhand Tourism Development Authority) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही होटल संचालक, टूरिस्ट गाइड, फोटोग्राफर और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
इसको लेकर सरकार झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान “झारखंड पर्यटन विकास एवं निबंधन (संशोधन विधेयक), 2025” सदन में पेश करने जा रही है। यह विधेयक 9 या 10 दिसंबर को सदन में रखा जा सकता है। राज्य मंत्रिपरिषद से पहले ही इस विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है।
ग्रेड-ए पर्यटन स्थलों पर मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
प्रस्तावित विधेयक में राज्य के ग्रेड-ए पर्यटन स्थलों जैसे –
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नेतरहाट
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रजरप्पा
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पतरातू
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बैद्यनाथ धाम
जैसे प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसमें सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा, ठहरने की व्यवस्था, शौचालय, पार्किंग और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
शहरी सीमा से बाहर के पर्यटन क्षेत्रों का होगा तेजी से विकास
सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक सीमित पर्यटन विकास नहीं, बल्कि शहरी निकाय क्षेत्रों से बाहर स्थित पर्यटन स्थलों को भी विकसित करना है। इसके लिए अलग से झारखंड पर्यटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो इन इलाकों में बुनियादी ढांचे का निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और निवेश को बढ़ावा देने का काम करेगा।
गाइड, होटल, फोटोग्राफर और एडवेंचर स्पोर्ट्स पर लगेगा नियंत्रण
नए कानून के तहत अब:
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टूरिस्ट गाइड
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होटल और लॉज संचालक
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फोटोग्राफर
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एडवेंचर स्पोर्ट्स ऑपरेटर
सभी को सरकारी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन सेवा देने पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी रखा जाएगा। इससे पर्यटन क्षेत्र में मानकों की गुणवत्ता और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड को सिर्फ खनिज राज्य के रूप में नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में देशभर में पहचान दिलाई जाए। इस पहल से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा।