विश्व की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित हो गया है। इस बार बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। खास बात यह है कि शुभम कोटा में रहकर तैयारी कर रहे थे और उन्होंने 360 में से 330 अंक प्राप्त किए हैं।

JEE Main 2026 में भी शानदार प्रदर्शन करने वाले शुभम कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन सफलता की कुंजी है। उनके साथ कोटा के ही छात्र कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक-2 और अर्णव गौतम ने ऑल इंडिया रैंक-7 हासिल कर शहर का गौरव बढ़ाया है।

लगातार तीसरे साल कोटा से निकला ऑल इंडिया टॉपर

कोटा ने एक बार फिर देश की कोचिंग राजधानी होने का दावा मजबूत कर दिया है। साल 2024 में वेद लाहोटी, 2025 में रजित गुप्ता और अब 2026 में शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर कोटा को लगातार तीसरे वर्ष टॉपर देने वाला शहर बना दिया है।

साल 2000 से अब तक JEE एडवांस्ड और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में कोटा से कुल 12 ऑल इंडिया टॉपर निकल चुके हैं। यह उपलब्धि देश के किसी भी अन्य कोचिंग हब के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

शुभम कुमार की सफलता की कहानी

बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई अपने गृह नगर में की। उनकी बहन श्रेया वर्तमान में IIT पटना में कंप्यूटर साइंस की छात्रा हैं। शुभम का सपना IIT बॉम्बे में प्रवेश लेना था, जिसके लिए उन्होंने 11वीं की पढ़ाई के दौरान कोटा का रुख किया।

करीब डेढ़ साल तक कोटा में रहकर उन्होंने कड़ी मेहनत की। कोचिंग के अलावा वे रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी और रिवीजन करते थे। शुभम का मानना है कि केवल फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स ही नहीं, बल्कि लेखन कौशल, मानसिक दृढ़ता और समय प्रबंधन भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उनके पिता शिव कुमार गया में हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं।

कबीर छिल्लर बने AIR-2

ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल करने वाले कबीर छिल्लर भी कोटा में रहकर तैयारी कर रहे थे। कबीर पहले JEE Main में 300 में 300 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 ला चुके हैं। हालांकि एडवांस्ड में वे दूसरे स्थान पर रहे।

कबीर के पिता मोहित छिल्लर IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग कर चुके हैं और वर्तमान में निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनकी मां प्रियंका एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।

कबीर का सपना IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद अमेरिका स्थित मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में रिसर्च करना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित मॉक टेस्ट, नोट्स बनाकर रिवीजन और समय प्रबंधन को दिया है।

अर्णव गौतम ने हासिल की AIR-7

कोटा निवासी अर्णव गौतम ने ऑल इंडिया रैंक-7 हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। JEE Main में उनकी ऑल इंडिया रैंक-5 थी। अर्णव के पिता बुद्धि प्रकाश कोटा विश्वविद्यालय में भूगोल विषय के गेस्ट फैकल्टी हैं, जबकि उनकी मां सरकारी शिक्षिका हैं।

अर्णव का मानना है कि कोटा का प्रतिस्पर्धी माहौल विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। वे पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना क्रिकेट भी खेलते थे, जिससे मानसिक तनाव कम होता था और पढ़ाई पर बेहतर फोकस बना रहता था।

कोटा का सपोर्ट सिस्टम बना सफलता की कुंजी

कोचिंग विशेषज्ञों का मानना है कि कोटा का शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी फैकल्टी, नियमित टेस्ट सिस्टम और प्रतिस्पर्धी माहौल छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र यहां से IIT और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल होते हैं।

2000 के बाद कोटा से निकले ऑल इंडिया रैंक-1 टॉपर

वर्ष टॉपर
2026 शुभम कुमार
2025 रजित गुप्ता
2024 वेद लाहोटी
2021 मृदुल अग्रवाल
2019 कार्तिकेय गुप्ता
2016 अमन बंसल
2015 सतवत जगवानी
2014 चित्रांग मुरडिया
2008 शितिकांत कश्यप
2007 अचिन बंसल
2002 डूंगराराम चौधरी
2000 नितिन गुप्ता

JEE Advanced 2026 के परिणाम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है। बिहार के शुभम कुमार की सफलता देशभर के लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।