केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ऐतिहासिक जीत के बाद वीडी सतीशन ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण समारोह में जुटे कई बड़े नेता

वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इसके अलावा कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी समारोह में पहुंचे।

राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वामपंथी नेता पिनाराई विजयन तथा भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखरन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे समारोह की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई।

20 मंत्रियों ने भी ली शपथ

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ उनकी पूरी कैबिनेट भी आज शपथ ले रही है। उनकी सरकार में कुल 20 मंत्रियों को शामिल किया गया है। राज्यपाल एक-एक कर सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिला रहे हैं।

नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।


केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की बड़ी जीत

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए गए। चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 सीटों पर जीत दर्ज की।

वहीं, वामपंथी गठबंधन एलडीएफ को 35 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा केवल 3 सीटों पर जीत हासिल कर सकी।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह जीत कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय बाद पार्टी ने केरल में इतनी बड़ी जीत हासिल की है।


कौन हैं वीडी सतीशन?

वीडी सतीशन का पूरा नाम वदस्सेरी दामोदरन सतीशन है। उनका जन्म 31 मई 1964 को केरल के कोच्चि स्थित नेट्टूर में हुआ था। उन्हें जमीनी स्तर का मजबूत और आक्रामक नेता माना जाता है।

शिक्षा और शुरुआती जीवन

वीडी सतीशन ने कोच्चि के राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई करते हुए एलएलबी और एलएलएम की डिग्री हासिल की।

उन्होंने केरल लॉ एकेडमी लॉ कॉलेज से एलएलबी और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से एलएलएम किया। राजनीति के साथ-साथ उन्हें किताबें पढ़ने का भी शौक है।


छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

वीडी सतीशन ने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। वे केरल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़े और बाद में एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव भी बने।

राजनीति में आने से पहले वे पेशे से वकील थे और करीब 10 वर्षों तक हाईकोर्ट में वकालत करते रहे।

पहली हार के बाद भी नहीं मानी हार

सतीशन ने साल 1996 में पहली बार परावूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे।

साल 2001 में उन्होंने परावूर सीट से जीत हासिल की और धीरे-धीरे कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल हो गए। अपनी मजबूत संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ के दम पर वे आज केरल के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं।


कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह

वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हजारों कार्यकर्ता तिरुवनंतपुरम पहुंचे और जीत का जश्न मनाया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई सरकार राज्य में विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देगी।


निष्कर्ष

केरल में वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। यूडीएफ की प्रचंड जीत और कांग्रेस की वापसी ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल दी है। अब सभी की नजर नई सरकार के फैसलों और विकास योजनाओं पर टिकी हुई है।