छत्तीसगढ़ के Kanker जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। जंगल में छिपाकर रखे गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) में विस्फोट होने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान घायल हो गए।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
छोटे बेठिया थाना क्षेत्र में हुआ ब्लास्ट
यह घटना Chhote Bethiya थाना क्षेत्र में हुई, जो कांकेर और Narayanpur जिले की सीमा से सटा इलाका है।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा बल के जवान नक्सल सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, तभी जंगल में पहले से प्लांट किए गए IED की चपेट में आ गए।
कभी नक्सलियों का गढ़ रहा है इलाका
यह क्षेत्र पहले नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था। हालांकि, सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते अब नक्सल गतिविधियों में काफी कमी आई है।
- कई माओवादी सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं
- कई मुठभेड़ों में मारे गए
- फिर भी कुछ सक्रिय नक्सलियों की तलाश जारी है
कैसे हुआ ब्लास्ट?
सूत्रों के अनुसार:
- जवान सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल के अंदर बढ़ रहे थे
- इलाके में पहले से कई IED लगाए गए थे
- अचानक जोरदार धमाका हुआ
- तीन जवान इसकी चपेट में आकर घायल हो गए
इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
👉 कुछ समय के लिए ऑपरेशन रोका गया
👉 बाद में फिर से अभियान शुरू कर दिया गया
👉 नक्सलियों की मौजूदगी की तलाश जारी है
संभावना जताई जा रही है कि अगर नक्सलियों की लोकेशन मिलती है, तो बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
उच्च अधिकारी कर रहे निगरानी
पूरे घटनाक्रम पर पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।
- ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है
- जवानों को सतर्कता के साथ आगे बढ़ने के निर्देश
- नक्सलवाद को खत्म करने के लिए रणनीति पर काम जारी
निष्कर्ष
कांकेर में हुआ यह IED ब्लास्ट एक बार फिर यह दिखाता है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि, सुरक्षा बलों की सख्ती और रणनीति से नक्सलियों के खिलाफ अभियान अंतिम चरण में पहुंचता नजर आ रहा है।