रांची से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि देश का नाम रोशन कर दिया है। महज 7 साल की उम्र में नन्हे तैराक इशांक ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
इशांक ने Palk Strait की 29 किलोमीटर लंबी दूरी को तैरकर पार करते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने यह कठिन सफर सिर्फ 9 घंटे 50 मिनट में पूरा किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
श्रीलंका से भारत तक तैरकर पहुंचे इशांक
इशांक ने अपनी तैराकी की शुरुआत Talaimannar (श्रीलंका) से की और Dhanushkodi (भारत) तक का सफर तय किया।
समुद्र की तेज लहरों और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार इस चुनौती को पार कर इतिहास रच दिया।
मिला ‘Youngest and Fastest Swimmer’ का खिताब
इस शानदार उपलब्धि के लिए इशांक को Universal Records Forum की ओर से
‘The Youngest and Fastest Palk Strait Swimmer’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट दिया गया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के Jai Jaswanth के नाम था, जिन्होंने 2019 में 10 साल की उम्र में यह दूरी 10 घंटे 30 मिनट में तय की थी। इशांक ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

रोज 4-5 घंटे की कड़ी प्रैक्टिस
इस उपलब्धि के पीछे इशांक की कड़ी मेहनत और अनुशासन छिपा है।
- वह रोजाना 4 से 5 घंटे तैराकी की प्रैक्टिस करते थे
- रांची के Dhurva Dam में लगातार अभ्यास किया
- उनके कोच अमन जायसवाल और बजरंग कुमार ने उन्हें ट्रेनिंग दी
कम उम्र में इतना कठिन अभ्यास करना उनकी लगन और जुनून को दिखाता है।
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने दी बधाई
इशांक की इस ऐतिहासिक सफलता पर झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने भी उन्हें बधाई दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि—
“महज 7 वर्ष की उम्र में इशांक ने 29 किमी लंबा Palk Strait पार कर इतिहास रचा है। यह अनुशासन और समर्पण का शानदार उदाहरण है।”
परिवार और राज्य में खुशी का माहौल
इशांक की इस सफलता से उनके परिवार में खुशी की लहर है। साथ ही पूरे झारखंड में गर्व और उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
- इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड
- समुद्र में 29 किमी तैरना बेहद चुनौतीपूर्ण
- पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर नया मानक स्थापित करना
इशांक की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है।
निष्कर्ष
रांची के नन्हे इशांक ने यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।