रामगढ़ (झारखंड): जिले की साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
‘प्रतिबिंब’ प्लेटफॉर्म से हुआ खुलासा
पुलिस को Ministry of Home Affairs के 14C प्रोजेक्ट के तहत ‘प्रतिबिंब’ प्लेटफॉर्म से एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली।
जांच में पाया गया कि यह खाता State Bank of India में खुला था और रामगढ़ के कुज्जू क्षेत्र से जुड़ा हुआ था।
एक खाते से 274 शिकायतें
- खाता ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम पर खोला गया
- MSME योजना का दुरुपयोग किया गया
- देशभर में 274 शिकायतें दर्ज
सबसे ज्यादा मामले इन राज्यों से:
- महाराष्ट्र (48)
- कर्नाटक (27)
- उत्तर प्रदेश (27)
- तमिलनाडु (25)
- तेलंगाना (22)
- पश्चिम बंगाल (20)
ऐसे चलता था ठगी का खेल
- गिरोह के सरगना रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा
- लोगों से बैंक खाते खुलवाए जाते थे
- बदले में 1 लाख+ तक की रकम दी जाती थी
- OTP और बैंक एक्सेस लेकर खातों का इस्तेमाल ठगी में होता था
- WhatsApp और Telegram के जरिए अकाउंट साइबर अपराधियों को सौंपे जाते थे
ये खाते “म्यूल अकाउंट” बन जाते थे, जिनसे ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता था।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
- 6 एंड्रॉइड मोबाइल
- 11 सिम कार्ड
- बैंक पासबुक और ATM कार्ड
- QR कोड स्कैनर
- WhatsApp चैट (साइबर अपराध से जुड़े)
बरामद किए हैं।
अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी:
- राहुल गुप्ता
- रवि कुमार वर्मा
- रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना
- सोनू कुमार झा
सभी आरोपी रामगढ़ जिले के निवासी हैं। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है:
- अपना OTP, बैंक डिटेल या एक्सेस किसी को न दें
- किसी के कहने पर बैंक खाता खोलकर देना खुद को अपराध में फंसाना हो सकता है
निष्कर्ष
रामगढ़ का यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराध कितनी तेजी से फैल रहा है। एक ही बैंक खाते से सैकड़ों शिकायतें जुड़ना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।