जम्मू में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की हिरासत में लिए गए BSF जवान जसविंदर सिंह की संदिग्ध मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसके बाद NCB ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी आकाश राय को सस्पेंड कर दिया है।
शरीर पर मिले 34 चोट के निशान
अमृतसर में हुए पोस्टमार्टम में डॉक्टरों के पैनल ने पाया कि:
- जसविंदर सिंह के शरीर पर 34 चोट के निशान थे
- पीठ से लेकर पैरों तक शरीर पर सूजन और नीले निशान थे
- रिपोर्ट में थर्ड डिग्री टॉर्चर की आशंका जताई गई
यह खुलासा सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया और मामले को गंभीरता से लिया गया।
जम्मू से हिरासत, अमृतसर में बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार:
- जसविंदर सिंह, BSF की 42वीं वाहिनी में तैनात थे
- छुट्टी पर घर आए थे और 5 मार्च को ड्यूटी पर लौटना था
- 3 मार्च को जम्मू में मां को डॉक्टर दिखाने गए थे
इसी दौरान मीरां साहिब के पास NCB टीम ने उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए जम्मू ले जाया गया। बाद में जांच के सिलसिले में उन्हें अमृतसर लाया गया, जहां उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने NCB पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
- हिरासत में टॉर्चर के कारण मौत का दावा
- मां को फोन पर बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली
- पत्नी लवजीत ने बताया कि आखिरी बातचीत में जसविंदर ने पिटाई की बात कही थी
परिवार ने न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच अधिकारी सस्पेंड, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए:
- जांच अधिकारी आकाश राय को सस्पेंड कर दिया गया है
- NCB के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं
- आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला कई वजहों से गंभीर है:
- कस्टोडियल डेथ का आरोप
- सुरक्षा बल के जवान की संदिग्ध मौत
- जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल
निष्कर्ष
BSF जवान जसविंदर सिंह की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच पर टिकी है कि सच्चाई कब और कैसे सामने आती है।