रांची: Jharkhand में बालू घाटों की नीलामी भले ही महंगी होने जा रही हो, लेकिन सरकार ठेकेदारों को राहत देने की तैयारी में है। अब ठेकेदारों को रॉयल्टी का भुगतान एकमुश्त नहीं, बल्कि तीन किश्तों में करने की सुविधा दी जाएगी।
क्या है सरकार का नया प्लान?
राज्य सरकार ने खान एवं भू-तत्व विभाग के माध्यम से एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। इसका उद्देश्य:
- नीलामी प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना
- ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव कम करना
- लघु खनिज क्षेत्र को प्रोत्साहन देना
तीन किश्तों में भुगतान कैसे होगा?
सरकार ने भुगतान की पूरी प्रक्रिया तय कर दी है:
- पहली किश्त: कुल राशि का 50% (पहली परमिट के साथ)
- दूसरी किश्त: 25% (तीसरी तिमाही में)
- तीसरी किश्त: 25% (चौथी तिमाही में)
इसके तहत ठेकेदारों को पूरे साल में चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
इन शुल्कों में नहीं मिलेगी छूट
सरकार ने साफ कर दिया है कि:
- आयकर
- पर्यावरणीय सेस
- प्रबंधन शुल्क
- स्टांप शुल्क
इन सभी का भुगतान पहले की तरह अनिवार्य रहेगा, इसमें कोई छूट नहीं दी जाएगी।
देरी पर लगेगा जुर्माना
अगर ठेकेदार समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो:
- ₹25 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा
- अधिकतम जुर्माना ₹2500 तक हो सकता है
क्यों अहम है यह फैसला?
- ठेकेदारों को आर्थिक राहत
- नीलामी में अधिक भागीदारी
- राज्य के राजस्व में संभावित बढ़ोतरी
सरकार का यह कदम बालू और अन्य लघु खनिज क्षेत्र में व्यापार को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।