बिहार में इन दिनों अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहा बुलडोजर अभियान लगातार चर्चा में है। इस बीच एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद बताया कि इस अभियान की जद में उनका अपना घर भी आ गया और वहां भी बुलडोजर चलाया गया।

यह बयान उन्होंने अपने गृह क्षेत्र तारापुर में एक सभा को संबोधित करते हुए दिया, जिसने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।


“जब मेरा घर टूट सकता है, तो किसी और का कैसे बचेगा”

सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा:

“देखिए कुछ कष्ट तो होता ही है। मुझे रिपोर्ट मिली कि एक हफ्ते पहले मेरे तारापुर वाले घर पर भी बुलडोजर चला और सीढ़ी तोड़ी गई।”

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि:

  • अगर उनका घर नियमों के तहत टूट सकता है
  • तो किसी अन्य व्यक्ति का अवैध निर्माण भी नहीं बच सकता

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निजी जमीन पर बने घर सुरक्षित हैं, लेकिन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने पर कार्रवाई तय है।


कब शुरू हुआ बुलडोजर अभियान?

बिहार में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान:

  • नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह (24-25 नवंबर) में तेज हुआ
  • NDA सरकार के गठन के बाद इसे गति मिली
  • शुरुआत समस्तीपुर से हुई

इसके बाद यह अभियान पटना, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, तारापुर और सीतामढ़ी जैसे शहरों तक फैल गया।


क्यों जरूरी पड़ा यह अभियान?

राज्य में बढ़ते अतिक्रमण के कारण:

  • सड़कों की चौड़ाई कम हो रही थी
  • ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही थी
  • आम लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता था

जब सम्राट चौधरी गृह विभाग संभाल रहे थे, तब उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अभियान की शुरुआत की।


जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई

यह बुलडोजर अभियान:

  • अवैध कब्जों के खिलाफ
  • जमीन माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए
  • संगठित अपराध पर रोक लगाने के उद्देश्य से

“जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत चलाया जा रहा है।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती

इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। इसके बाद:

  • 31 जनवरी 2026 तक सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया गया
  • प्रशासन को विशेष अभियान चलाने के आदेश मिले

इसके साथ ही 1 अप्रैल 2026 से राज्यभर में बड़े स्तर पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई गई।


“सुंदर और विकसित बिहार” का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य:

  • सुंदर और व्यवस्थित बिहार बनाना
  • ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विकास के सपनों को साकार करना है

क्यों चर्चा में है यह मामला?

यह मामला इसलिए खास बन गया है क्योंकि:

  • कार्रवाई में मुख्यमंत्री का खुद का घर भी शामिल हुआ
  • इससे सरकार की निष्पक्षता का संदेश गया
  • कानून सबके लिए समान है, यह बात सामने आई

निष्कर्ष

बिहार में चल रहा बुलडोजर अभियान अब एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का खुद का घर इस कार्रवाई की जद में आना यह दिखाता है कि सरकार नियमों को लेकर सख्त है और किसी को भी छूट नहीं दी जा रही।