बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की जा रही है। Coal India Limited द्वारा यहां 500 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। इससे जिला ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
रविवार को बेतिया में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री Satish Chandra Dubey ने की। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, कोल इंडिया के प्रतिनिधि और मंत्री कार्यालय की टीम मौजूद रही।
बैठक में जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सोलर प्लांट के लिए जल्द ही उपयुक्त भूमि चिन्हित कर कोल इंडिया को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रक्रिया को तेज करने के लिए अगले सप्ताह संयुक्त निरीक्षण (जॉइंट इंस्पेक्शन) का कार्यक्रम भी तय किया गया है।
ऊर्जा के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। गौनाहा के भितिहरवा में 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना पर सहमति बनी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। वहीं जिले में एक नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
इसके अलावा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास, अमृत सरोवरों के निर्माण और उनके सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावित योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सके। जिला प्रशासन ने भी इन विकास योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है।
इस परियोजना के लागू होने से पश्चिम चंपारण में न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।