हजारीबाग (झारखंड): जिले के चरही थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य पर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। इस घटना ने न सिर्फ स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
📌 छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 12 से अधिक छात्राओं ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने पढ़ाई के दौरान उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की।
बताया जा रहा है कि यह घटना 11 अप्रैल की है, जब दो छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और अन्य छात्राओं ने भी सामने आकर अपनी आपबीती बताई।
🚨 जांच में जुटी पुलिस और आयोग
शिकायत मिलते ही बाल संरक्षण आयोग की टीम और चरही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की।
इसके बाद पीड़ित छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए बाल कल्याण समिति, हजारीबाग ले जाया गया।
जांच के बाद आयोग ने पुलिस को प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🧾 हेडमास्टर की कार्यशैली पर सवाल, कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर सामाजिक संगठन संपूर्ण संकट मोचन संगठन की अध्यक्ष अमीषा प्रसाद ने थाने में लिखित शिकायत दी है।
उनके साथ पंचायत समिति सदस्य आशा राय और शक्ति देवी भी मौजूद थीं।
शिकायत में कहा गया है कि:
- एक नहीं बल्कि 24 से अधिक छात्राओं ने छेड़छाड़ की पुष्टि की है
- आरोपी शिक्षक छात्रों को धमकी भी देता था कि अगर किसी को बताया तो बुरा परिणाम होगा
संगठन ने आरोपी को तुरंत नौकरी से हटाने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
🗣️ क्या बोले अधिकारी?
बाल कल्याण समिति से जुड़े विनीत जैन ने बताया कि:
“चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। छात्राओं ने छेड़छाड़ और अनुचित स्पर्श की बात कही है। पुलिस को एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है।”
वहीं चरही थाना प्रभारी कुंदनकांत विमल ने कहा:
“आवेदन मिला है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई होगी।”
⚠️ अभिभावकों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग तेज
घटना सामने आने के बाद इलाके में अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
अब मांग उठ रही है कि:
- स्कूलों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए
- छात्राओं की सुरक्षा के लिए सख्त गाइडलाइन लागू हो
- दोषियों को तुरंत सजा दी जाए
🔎 निष्कर्ष
हजारीबाग का यह मामला न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।