झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज आंधी और भारी बारिश के बीच एक विशाल पेड़ गिरने से कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे सुरक्षा बलों और उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
🌩️ अचानक बदले मौसम ने लिया जानलेवा रूप
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार सारंडा के बाबुड़ेड़ा कैंप में तैनात थे और नक्सल विरोधी ऑपरेशन का हिस्सा थे।
- ऑपरेशन के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली
- तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई
- इसी दौरान एक विशाल पेड़ उनके ऊपर गिर पड़ा
इस हादसे में राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
🚁 एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना के तुरंत बाद साथियों ने उन्हें जंगल से बाहर निकाला और बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया।
हालांकि, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे सुरक्षा बल में शोक की लहर दौड़ गई।
🏠 बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले थे राकेश कुमार
शहीद जवान राकेश कुमार बिहार के औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर के निवासी थे।
- परिवार को सूचना मिलते ही परिजन रांची पहुंचे
- CRPF कैंप में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी
- इसके बाद पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ गृह जिला भेजा जाएगा
- औरंगाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा
🪖 सारंडा में लगातार जारी है नक्सल अभियान
सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है।
- सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं
- जंगल में एक-एक करोड़ के इनामी दो नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं
- उनकी तलाश में लगातार ऑपरेशन जारी है
हालांकि, इस अभियान में कई बार जवानों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है।
🇮🇳 देश ने खोया एक बहादुर जवान
राकेश कुमार की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की सुरक्षा में लगे जवान हर परिस्थिति में अपनी जान की बाजी लगाते हैं—चाहे दुश्मन से लड़ाई हो या प्रकृति की मार।
उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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क्या नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवानों की सुरक्षा के लिए और बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।